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AI की दौड़ से Airtel-Jio को बड़ा फायदा! डेटा सेंटर और क्लाउड से खुल सकते हैं कमाई के नए रास्ते

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जानिए डेटा सेंटर, क्लाउड, 5जी और डिजिटल सेवाएं कैसे टेलीकॉम कंपनियों की आगे की बढ़त में अहम भूमिका निभा सकती हैं

Last Updated- August 14, 2026 | 9:30 AM IST
Airtel

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बढ़ती लोकप्रियता ने सिर्फ टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए ही नए मौके नहीं बनाए हैं। इसके साथ डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि भारत की बड़ी टेलीकॉम कंपनियां भी अब सिर्फ मोबाइल और इंटरनेट कारोबार तक की खुद को बांधना नहीं चाहतीं।

एक्सिस डायरेक्ट की परिपोर्ट के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियों की आगे की बढ़त सिर्फ नए मोबाइल ग्राहक जोड़ने पर निर्भर नहीं रहेगी। घरेलू ब्रॉडबैंड, फिक्स्ड वायरलेस इंटरनेट, कारोबारी कनेक्टिविटी, क्लाउड, डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाएं कमाई के नए जरिये बन सकती हैं।

AI से एयरटेल-जियो को कहां मिलेगा मौका?

रिपोर्ट के मुताबिक, एआई का इस्तेमाल बढ़ने से टेलीकॉम कंपनियों के कारोबारी ग्राहक वाले कारोबार में नए मौके बन सकते हैं। 5जी नेटवर्क, क्लाउड से जुड़ी सेवाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म में एआई का इस्तेमाल इस कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है। यानी एयरटेल और जियो की कमाई आने वाले समय में सिर्फ मोबाइल रिचार्ज या इंटरनेट डेटा से नहीं होगी। कंपनियां अपने नेटवर्क और डिजिटल ढांचे का इस्तेमाल दूसरी सेवाएं बेचने के लिए भी कर सकती हैं।

एयरटेल कहां लगा रहा पैसा?

एयरटेल का जोर 5जी नेटवर्क को मजबूत करने के साथ फाइबर नेटवर्क के विस्तार, घरों को इंटरनेट से जोड़ने, कारोबारी ग्राहकों के लिए कनेक्टिविटी और डेटा सेंटर पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, मोबाइल नेटवर्क से जुड़े उपकरणों पर एयरटेल का पूंजीगत खर्च धीरे-धीरे कम हो रहा है। हालांकि फाइबर, नेटवर्क के दूसरे हिस्सों और मोबाइल से अलग कारोबार में निवेश ऊंचा बना रह सकता है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी अब नेटवर्क तैयार करने के साथ उससे कमाई के नए रास्ते बनाने पर भी ध्यान दे रही है।

नक्स्ट्रा और एयरटेल क्लाउड पर बढ़ रहा जोर

एयरटेल मोबाइल कनेक्टिविटी से बाहर भी अपने कारोबार का विस्तार कर रहा है। इसके लिए कंपनी एयरटेल फाइनेंस, नक्स्ट्रा और एयरटेल क्लाउड जैसे कारोबार पर जोर दे रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी पेमेंट, लोन, क्लाउड, साइबर सुरक्षा और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर्स में अपना कारोबार बढ़ा रही है। इस दिशा में एयरटेल को ग्राहक भी मिल रहे हैं। एयरटेल क्लाउड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 11 नए ग्राहक जोड़े।

जियो भी एआई और क्लाउड पर बढ़ा रहा जोर

रिलायंस जियो भी मोबाइल सेवाओं से आगे बढ़ रहा है। कंपनी घरेलू ब्रॉडबैंड, कारोबारी कनेक्टिविटी, क्लाउड, एआई और दूसरी डिजिटल सेवाओं में अपना कारोबार बढ़ा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, जियो आगे भी 5जी क्षमता, फाइबर, घरेलू ब्रॉडबैंड और डिजिटल इन्फ्रा पर बड़ा निवेश जारी रख सकता है। कंपनी की कोशिश अपने बड़े नेटवर्क का इस्तेमाल केवल मोबाइल इंटरनेट देने के लिए नहीं, बल्कि दूसरी डिजिटल सेवाओं से कमाई बढ़ाने के लिए भी करने की है।

जियो के 28.5 करोड़ ग्राहक 5जी पर

जियो के लिए उसका बड़ा 5जी ग्राहक बेस भी कमाई बढ़ाने का जरिया बन सकता है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही तक जियो के करीब 53.3 करोड़ मोबाइल ग्राहक थे। इनमें से करीब 28.5 करोड़ ग्राहक 5जी का इस्तेमाल कर रहे थे। यानी जियो के आधे से ज्यादा मोबाइल ग्राहक 5जी पर आ चुके हैं। अब कंपनी के सामने इस बड़े ग्राहक आधार से ज्यादा कमाई करने का मौका है।

नेटवर्क बनाने के बाद अब कमाई बढ़ाने पर जोर

पिछले कुछ समय में एयरटेल और जियो ने 5जी नेटवर्क खड़ा करने पर काफी पैसा खर्च किया है। अब टेलीकॉम क्षेत्र धीरे-धीरे नेटवर्क बनाने से आगे बढ़कर उससे कमाई करने के दौर में पहुंच रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां फिक्स्ड वायरलेस इंटरनेट, कारोबारी सेवाओं और ज्यादा कीमत वाली डेटा सेवाओं के जरिए 5जी से कमाई बढ़ा सकती हैं। वहीं 5जी नेटवर्क पर शुरुआती भारी निवेश के बाद आने वाले समय में पूंजीगत खर्च धीरे-धीरे कम हो सकता है। इससे कंपनियों का खर्च कम होगा और उनके पास ज्यादा पैसा बचेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

एयरटेल की एक ग्राहक से कमाई 264 रुपये

आगे की बढ़त में एक ग्राहक से होने वाली औसत कमाई भी महत्वपूर्ण होगी। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एयरटेल की एक ग्राहक से औसत कमाई 264 रुपये रही। इसमें सालाना आधार पर 5.6 प्रतिशत और पिछली तिमाही के मुकाबले 2.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं जियो की एक ग्राहक से औसत कमाई 216 रुपये रही। इसमें सालाना आधार पर 3.3 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 0.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। एयरटेल ज्यादा कीमत वाले पोस्टपेड ग्राहकों, अंतरराष्ट्रीय रोमिंग और साधारण फोन इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को स्मार्टफोन की तरफ लाकर अपनी औसत कमाई बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

डेटा सेंटर और क्लाउड से कैसे बढ़ सकती है कमाई?

रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियों की आगे की बढ़त केवल मोबाइल कनेक्टिविटी पर निर्भर नहीं रहेगी। घरेलू ब्रॉडबैंड, फिक्स्ड वायरलेस इंटरनेट, कारोबारी कनेक्टिविटी, क्लाउड, डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाएं कमाई के नए जरिये बनकर उभर रही हैं। एआई के बढ़ते इस्तेमाल से कारोबारी सेवाओं में भी नए मौके बन सकते हैं। खास तौर पर 5जी, क्लाउड से जुड़ी साझेदारियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म में एआई का इस्तेमाल कंपनियों के लिए नया कारोबार ला सकता है।

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First Published - August 14, 2026 | 9:17 AM IST

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