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NRIs के लिए बड़ी खबर! अब डॉलर में कर सकेंगे भारत के म्युचुअल फंड्स में निवेश, नया AIF फंड लॉन्च

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इस फंड की खासियत यह है कि निवेशकों को अलग-अलग म्युचुअल फंड स्कीम चुनने की जरूरत नहीं होगी। फंड मैनेजर अलग-अलग भारतीय म्युचुअल फंड्स और ETFs का चुनाव करके पोर्टफोलियो तैयार करे

Last Updated- August 14, 2026 | 8:43 PM IST
mutual fund
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए भारत के निवेश बाजार में पैसा लगाना अब आसान हो सकता है। इसी दिशा में द वेल्थ कंपनी (The Wealth Company) ने गिफ्ट सिटी IFSC  के जरिए एक नया फंड शुरू किया है। इसका नाम द वेल्थ कंपनी IFSC फंड ओफ फंड है। यह एक ओपन एंडेड कैटेगरी-3 अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) है। इस फंड के जरिए योग्य NRI और दूसरे विदेशी निवेशक अमेरिकी डॉलर में भारत के म्युचुअल फंड और ETF में निवेश कर सकेंगे।

खास बात यह है कि निवेशकों को अलग-अलग म्युचुअल फंड चुनने की जरूरत नहीं होगी। फंड को मैनेज करने वाली टीम अलग-अलग योजनाओं का चयन कर निवेश करेगी। इसका मकसद विदेश में रहने वाले निवेशकों को भारत के बढ़ते निवेश बाजार से जोड़ना और उनके लिए निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

एक फंड के जरिए कई म्युचुअल फंड्स में निवेश

इस फंड की खासियत यह है कि निवेशकों को अलग-अलग म्युचुअल फंड स्कीम चुनने की जरूरत नहीं होगी। फंड मैनेजर अलग-अलग भारतीय म्युचुअल फंड्स और ETFs का चुनाव करके पोर्टफोलियो तैयार करेंगे। फंड में इक्विटी, सेक्टोरल, फिक्स्ड इनकम, हाइब्रिड, गोल्ड और सिल्वर ETF जैसी अलग-अलग कैटेगरी शामिल की जा सकती हैं। इसका मकसद निवेशकों को एक ही फंड के जरिए भारतीय बाजार में विविध निवेश का मौका देना है।

डॉलर में निवेश की सुविधा

द वेल्थ कंपनी का यह फंड US डॉलर में डिनोमिनेटेड है। यानी पात्र विदेशी निवेशक इसमें डॉलर के जरिए निवेश कर सकते हैं। यह फंड खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है, जो विदेश में रहते हैं, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था और निवेश बाजार की ग्रोथ में हिस्सा लेना चाहते हैं।

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भारत में 50 से ज्यादा एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMCs) और 1,600 से ज्यादा एक्टिव म्युचुअल फंड स्कीम्स हैं। इतनी बड़ी संख्या में से सही स्कीम चुनना आसान नहीं है। यही काम इस फंड के मैनेजर करेंगे। वे अलग-अलग स्कीम्स के प्रदर्शन और जोखिम का आकलन करके निवेश के लिए सही विकल्प चुनेंगे। बाजार की स्थिति के हिसाब से जरूरत पड़ने पर पोर्टफोलियो में बदलाव भी करेंगे। इससे विदेशी निवेशकों के लिए भारत के म्युचुअल फंड बाजार में निवेश करना आसान हो सकता है।

GIFT City के जरिए NRIs को भारत से जोड़ने की कोशिश

यह फंड GIFT City IFSC में बनाया गया है। कंपनी का कहना है कि GIFT City विदेश में रहने वाले भारतीयों को भारत के निवेश बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है। इस फंड के जरिए पात्र NRIs, HNI/UHNI, family offices और संस्थागत निवेशक भारत के म्युचुअल फंड बाजार में निवेश कर सकते हैं। हालांकि, यह फंड भारत में रहने वाले निवेशकों के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, फिलहाल अमेरिका और कनाडा में रहने वाले निवेशक भी इसमें निवेश नहीं कर सकते हैं।

टैक्स में राहत मिल सकती है राहत

फंड के मुताबिक, कुछ शर्तें पूरी होने पर यह स्पेसिफाइड फंड के तौर पर टैक्स से जुड़ी सुविधाओं के लिए योग्य हो सकता है। ऐसी स्थिति में योग्य नॉन-रेजिडेंट निवेशकों को भारत में कुछ इनकम और कैपिटल गेन्स पर टैक्स में राहत मिल सकती है। हालांकि, टैक्स का फायदा हर निवेशक के लिए एक जैसा नहीं होगा। निवेशक जिस देश में रहता है, वहां के टैक्स नियम भी लागू हो सकते हैं।

इसलिए निवेश करने से पहले अपने टैक्स सलाहकार से सलाह लेना जरूरी होगा। कुल मिलाकर, द वेल्थ कंपनी का नया फंड विदेश में रहने वाले पात्र भारतीयों के लिए भारत के म्युचुअल फंड बाजार में निवेश का एक नया रास्ता पेश करता है। एक ही फंड के जरिए कई भारतीय म्युचुअल फंड्स और ETF में निवेश और डॉलर में निवेश की सुविधा इसकी प्रमुख खासियतें हैं।

NRIs के लिए भारत में निवेश आसान होगा

द वेल्थ कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर उन्मेश कुलकर्णी ने कहा कि विदेश में रहने वाले निवेशकों की समस्या भारत में निवेश करने की इच्छा नहीं, बल्कि सही निवेश विकल्प चुनने और उस तक पहुंचने की है। वहीं, कंपनी की फाउंडर मदु लुनावत ने कहा कि भारत की ग्रोथ अब विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए भी निवेश का अवसर बन रही है। GIFT City के जरिए कंपनी उन्हें भारत के बाजार से जोड़ना चाहती है, ताकि वे भारत को अपने लंबे समय के निवेश पोर्टफोलियो का हिस्सा बना सकें।

बता दें कि द वेल्थ कंपनी, पैंटोमैथ ग्रुप की एसेट मैनेजमेंट कंपनी है, जिसकी स्थापना मदु लुनावत ने की है। कंपनी म्यूचुअल फंड, ETF और AIF जैसी स्कीम्स को मैनेज करती है।


(डिस्‍क्‍लेमर:म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह निवेश की सलाह नहीं है। निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

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First Published - August 14, 2026 | 8:43 PM IST

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