facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिकी कोर्ट ने एंट्रिक्स के खिलाफ देवास का फैसला रखा बरकरार, 56.25 करोड़ डॉलर का अवॉर्ड कायमएअर इंडिया A320 का हाइड्रोलिक सिस्टम हुआ था फेल, 4 सेकंड तक नियंत्रण से बाहर रहा विमान: एयरबसमहिंद्रा का भारी ट्रकों पर बड़ा दांव, बाजार हिस्सेदारी 5% करनी की तैयारी; नई डीलरशिप जोड़ेगी कंपनीAMCA लड़ाकू विमान के लिए रिलायंस और रोल्स-रॉयस ने मिलाया हाथ, भारत में बनेगा फाइटर जेट इंजनवैश्विक पटल पर चमका भारत, प्यू रिसर्च के सर्वे में दुनिया के कई देशों ने जताई सकारात्मक रायस्वतंत्रता दिवस पर घूमने का बढ़ा क्रेज, होटल बुकिंग 20% तक बढ़ी; युवाओं में ट्रैवल का जोशलंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की मांग बढ़ी, ब्याज दर स्थिर रहने की उम्मीद से मिला सहारावीकेंड पर भारी डिस्काउंट व ग्राहकों के बेहतर मूड से अच्छी खरीदारी की उम्मीद, रिटेलरों को मजबूत बिक्री का भरोसाबैंक जमा वृद्धि दिसंबर 2016 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर, 31 जुलाई तक 15.4% बढ़ीअमेरिका की नई रिपोर्ट से भारत पर बढ़ा दबाव, चीन के ट्रांसशिपमेंट नेटवर्क में किया गया शामिल

MCX पर शुरू हुआ क्रूड सनफ्लावर ऑयल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट, कारोबारियों को मिलेगा बड़ा फायदा

Advertisement

बता दें कि भारत में सालाना लगभग 26-27 मिलियन टन खाद्य तेल की खपत होती है, जिसमें से 60 फीसदी से ज्यादा जरूरत आयात के जरिए पूरी होती है

Last Updated- August 14, 2026 | 8:14 PM IST
Sunflower Oil
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (MCX) ने क्रूड सनफ्लावर ऑयल (कच्चे सूरजमुखी तेल) पर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट शुरू करने की घोषणा की है। इससे भारत की खाद्य तेल वैल्यू चेन से जुड़े लोगों के लिए एक्सचेंज-ट्रेडेड जोखिम प्रबंधन के नए रास्ते खुलेंगे। क्रूड सनफ्लावर ऑयल का फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट शुरू करके MCX ने एक बार फिर एग्री कमोडिटी कारोबार को मजबूत करने के अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं।

यह कॉन्ट्रैक्ट कैश-सेटल होगा और कीमतें एक्स-टैंक JNPT आधार पर कोट की जाएंगी, जिसमें लागू सेल्स टैक्स और GST शामिल नहीं होंगे।

वैश्विक उतार-चढ़ाव से प्रभावित होती हैं घरेलू कीमतें

भारत में सालाना लगभग 26-27 मिलियन टन खाद्य तेल की खपत होती है, जिसमें से 60 फीसदी से ज्यादा जरूरत आयात के जरिए पूरी होती है। आयात पर इतनी अधिक निर्भरता के कारण घरेलू बाजार पर वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग और आपूर्ति की स्थिति, मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव और दूसरे खाद्य तेलों की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर पड़ता है।

सूरजमुखी तेल की हिस्सेदारी

भारत में खाद्य तेल की कुल खपत में सनफ्लावर ऑयल की हिस्सेदारी लगभग 9 फीसदी है और सालाना क्रूड सनफ्लावर ऑयल की खपत लगभग 30 लाख टन है। इसमें से करीब 28 लाख टन की जरूरत आयात के जरिए पूरी होती है। इससे यह सेक्टर अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव और वैश्विक आपूर्ति की स्थितियों के प्रति काफी संवेदनशील हो जाता है।

Also Read: चालबाज चीन की भारतीय चावल के खिलाफ नैरेटिव बनाने की कोशिश, 520 टन की खेप भी खारिज

खाद्य तेलों की कीमतें आपस में गहराई से जुड़ी हुई हैं। इससे एक-दूसरे के बदले इस्तेमाल होने वाले तेलों (सब्स्टिट्यूशन पैटर्न) और सनफ्लावर ऑयल की तुलनात्मक प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ता है। इसलिए बाजार में शामिल लोगों के लिए आपस में जुड़े खाद्य तेल बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से जुड़े जोखिम (प्राइस एक्सपोजर) को मैनेज करना जरूरी हो जाता है।

कीमत जोखिम को समझना होगा आसान

MCX की प्रबंध निदेशक एवं CEO प्रवीणा राय ने कहा कि क्रूड सनफ्लावर ऑयल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट शुरू होने से बाजार में शामिल लोगों को कीमतों में उतार-चढ़ाव से जुड़े जोखिम को मैनेज करने के लिए एक पारदर्शी और कुशल एक्सचेंज-ट्रेडेड सिस्टम मिलेगा। इससे घरेलू खाद्य तेल बाजार के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि यह नया कॉन्ट्रैक्ट आयातकों, रिफाइनरों, प्रोसेसर्स, व्यापारियों और वैल्यू चेन से जुड़े अन्य लोगों को कीमतों में उतार-चढ़ाव से जुड़े जोखिम को मैनेज करने और अपनी जोखिम प्रबंधन रणनीतियों को बेहतर बनाने के लिए एक एक्सचेंज-ट्रेडेड सिस्टम उपलब्ध कराने के मकसद से तैयार किया गया है।

निवेशकों को मिला एक और हेजिंग मंच

क्रूड सनफ्लावर ऑयल का वायदा कारोबार पहले नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) में होता था। अब MCX पर भी इसका कारोबार शुरू होने से कारोबारियों और निवेशकों को एक और मंच मिल गया है। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कारोबार में पारदर्शिता आएगी, जिससे निवेशकों को फायदा हो सकता है।

MCX की ओर से कहा गया कि क्रूड सनफ्लावर ऑयल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट शुरू करके MCX पारदर्शी और कुशल कमोडिटी बाजार को बढ़ावा देने तथा वैल्यू चेन से जुड़े लोगों को कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से जुड़े जोखिम को बेहतर ढंग से मैनेज करने में मदद करने की अपनी भूमिका को और मजबूत कर रहा है।

Advertisement
First Published - August 14, 2026 | 8:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement