एफएमसीजी राजस्व को मूल्य वृद्धि से दम

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 5:33 PM IST

रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएं (एफएमसीजी) बनाने वाली कंपनियां जून तिमाही के लिए बेहतर राजस्व दर्ज कर सकती हैं जिसे उत्पादों के दाम बढ़ाने से बल मिलेगा। हालांकि मात्रात्मक बिक्री के मोर्चे पर दबाव बरकरार रहने के आसार हैं क्योंकि लगातार बढ़ रही महंगाई से मांग प्रभावित हो रही है। तिमाही के दौरान विवेकाधीन खर्च अ​धिक रहा है।
जून तिमाही के दौरान ग्रामीण बाजार में एफएमसीजी की मांग दबाव में दिखी थी। गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स  ने अपनी तिमाही नतीजे में कहा है कि शहरी बाजारों के मुकाबले ग्रामीण बाजारों में वृद्धि की रफ्तार सुस्त दिखी।
मोतीलाल ओसवाल ने एक नोट में कहा है कि जून तिमाही में इस क्षेत्र की बिक्री में वृद्धि को काफी हद तक मूल्य वृद्धि का सहारा मिला क्योंकि अ​धिकतर श्रे​णियों की मात्रात्मक बिक्री पैकेट की मात्रा में कमी किए जाने, उपभोक्ता मूल्य में वृद्धि और ग्रामीण बाजार की मांग में गिरावट से प्रभावित हुई।
मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, ‘अ​धिकतर कंपनियों ने इनपुट लागत में तेजी से निपटने के लिए वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही अथवा वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में अपने उत्पादों के दाम बढ़ाए थे। हालांकि कच्चे तेल और पाम ऑयल जैसे कच्चे माल की लागत चरम स्तर पर पहुंच गई थी लेकिन तिमाही के अंत तक उसमें नरमी दिखने लगी जिसका फायदा पहली तिमाही के मार्जिन पर दिखने के आसार नहीं हैं।’
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तिमाही के दौरान विज्ञान एवं प्रचार-प्रसार संबंधी खर्च में कटौती से मार्जिन पर दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
सेंट्रम ब्रोकिंग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चैनल भागीदारों के साथ बातचीत से पता चलता है कि अप्रैल से मई के दौरान काफी रफ्तार दिखी जबकि जून में मांग कमजोर रही। इसे
मुख्य तौर पर शहरों और कस्बों में मांग घटने से झटका लगा। मैरिको ने कहा कि उसके भारतीय कारोबार की मात्रात्मक बिक्री में मध्य एकल अंकों में गिरावट आई है। उसके प्रदर्शन को मुख्य तौर पर सफोला ऑयल्स की बिक्री में भारी गिरावट से झटका लगा।
सफोला ऑयल्स को छोड़कर अन्य भारतीय कारोबार की मात्रात्मक बिक्री में मामूली वृद्धि दर्ज की गई। उसने अपने तिमाही अपडेट में कहा है कि पैराशूट कोकोनट ऑयल में मामूली गिरावट दर्ज की गई है।
डाबर इंडिया ने तिमाही नतीजे से पहले कहा कि उसके समग्र समेकित राजस्व में मध्य से उच्च एकल अंकों तक वृद्धि हो सकती है। कंपनी ने कहा, ‘हम श्रेणी की वृद्धि के मुकाबले लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और हमने अ​धिकतर श्रे​णियों में बाजार हिस्सेदारी हासिल की है।’
मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि सिगरेट और पेंट को छोड़कर ज्यादातर कंपनियां निचले एकल अंक में मात्रात्मक वृद्धि दर्ज करेंगी। फिलिप कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हिंदुस्तान यूनिलीवर और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के प्रदर्शन को ऊंची जिंस कीमतों का झटका लग सकता है।
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के बारे में ब्रोकरेज ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि ब्रिटानिया तीन साल की वॉल्यूम सीएजीआर 7 से 8 फीसदी दर्ज करेगी जो काफी सराहनीय है।’ टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के वॉल्यूम ग्रोथ को गरम पेय श्रेणी में उच्च आधार और भीषण गर्मी का झटका लग सकता है।

First Published : July 14, 2022 | 11:50 PM IST