दैनिक उपभोक्ता वस्तुओं का निर्माण करने वाली कंपनियों (एफएमसीजी) के राजस्व में कीमत बढ़ोतरी के कारण जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान इजाफा रहने की उम्मीद है, हालांकि वजन में कमी, मुद्रास्फीति और ग्रामीण मांग में मंदी के कारण बिक्री पर दबाव रहने की आशंका है।
इस तिमाही के दौरान एफएमसीजी उत्पादों की ग्रामीण मांग नरम रही। गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने अपने तिमाही अपडेट में कहा कि शहरी बाजारों की तुलना में ग्रामीण बाजारों में धीमी वृद्धि देखी गई है।
डाबर इंडिया ने भी अपने तिमाही अपडेट में कहा है कि शहरी बाजार आधुनिक व्यापार और ईकॉमर्स से संचालित थे, जिसमें दो अंकों की वृद्धि देखी गई। इसमें यह भी कहा गया है कि ग्रामीण बाजारों में तरलता के लिहाज से कुछ दबाव देखा गया है।
हालांकि व्या।पक अर्थव्येवस्थाा से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद डाबर के भारत के कारोबार का प्रदर्शन स्थिर रहा और उम्मीद है कि राजस्व में पांच प्रतिशत के आसपास वृद्धि दर्ज की जाएगी।
मैरिको ने भी अपने अपडेट में बताया है कि तिमाही में खुदरा मुद्रास्फीति के दबाव की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में गिरावट बनी रही है। इसमें कहा गया है कि शहरी और गैर जरूरी खर्च वाला प्रीमियम खंड जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान बेहतर प्रदर्शन करता रहा।
कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज को उम्मीद है कि डिस्क्रेश्नरी कंपनियों के तीन साल के राजस्व की सालाना चक्रवृद्धि रफ्तार स्टेपल्स के मुकाबले बेहतर होगी। यह भी कहा गया है कि उत्तर भारत के कुछ राज्यों में मॉनसून में देरी से उपभोग में थोड़ा असर पड़ा है। एडलवाइस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है, गर्मी के उत्पाद वाली कंपनियों की बढ़त की रफ्तार तेज नहीं होगी, जिसकी वजह भारी बारिश और तापमान का कम होना है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र (ब्रिटेन व ईयू को छोड़कर) देसी कारोबारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करेंगे, जिसे निचले आधार (टाटा कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स, यूनाइटेड स्पिरिट्स सुस्त रहेंगी) का सहारा मिलेगा। हालांकि रुपये में गिरावट के कारण लाभ पर असर पड़ सकता है।
एडलवाइस सिक्योरिटीज को लगता है कि तिमाही में मार्जिन कमजोर रहेगा जबकि महंगाई में नरमी आई है। ब्रोकरेज ने कहा, उद्योग की दिग्गजों ने कीमतों में बढ़ोतरी की है, खास तौर से डिटर्जेंट, खाद्य पदार्थ, पर्सनल केयर, नमक व बिस्कुट में।दौलत कैपिटल को उम्मीद है कि एचयूएल के राजस्व की रफ्तार होमकेयर, पर्सनल केयर और फूड व रीफ्रेशमेंट में दो अंकों में होगी।
कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज ने संभावना जताई है कि राजस्व की सालाना रफ्तार 17 फीसदी होगी जबकि वॉल्यूम में 5.5 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। ब्रोकरेज को आशा है कि ब्रिटानिया के देसी वॉल्यूम की सालाना रफ्तार 5 फीसदी होगी।
दौलत कैपिटल को इस बात के आसार नजर आ रहे हैं कि आईटीसी के सिगरेट बिजनेस के वॉल्यूम की रफ्तार में सुधार होगा। उसने यह भी कहा कि हमें फर्म के कृषि कारोबार में दो अंकों की बढ़ोतरी की उम्मीद है। साथ ही एफएमसीजी का मार्जिन सुस्त बना रह सकता है।
मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि कोलगेट पॉमोलीव का सकल मार्जिन पिछले साल के मुकाबले स्थिर बना रहेगा, जिसकी वजह कच्चे माल की उच्च लागत है। उपभोक्ता कंपनियों की टिप्पणी पर नजर रहेगी, जिसमें ग्रामीण मांग, कच्चे माल की लागत का परिदृश्य और वॉल्यूम की रफ्तार शामिल है।