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बीएसआर ऑडिट में खामियां : एनएफआरए

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Last Updated- December 15, 2022 | 3:21 AM IST

बीएसआर ऐंड एसोसिएट्स एलएलपी, आईएलऐंडएफएस फाइनैंशियल सर्विसेज लिमिटेड (आईएफआईएन) की वैधानिक ऑडिटर नियुक्त होने की पात्र नहीं थी, क्योंकि नियुक्ति की तिथि में कंपनी के साथ उसके कारोबारी संबंध थे और उसने गैर ऑडिट सेवाओं के प्रावधानों का उल्लंघन किया। नैशनल फाइनैंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (एनएफआरए) ने आज जारी अपनी ऑडिट गुणवत्ता समीक्षा रिपोर्ट में यह कहा है।
बीएसआर की ओर से एक बयान में कहा गया है, ‘ऑडिट की गुणवत्ता की समीक्षा में एनएफआरए के निष्कर्षों से हम निराश हैं क्योंकि उन्होनें सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार नहीं किया, जिसमें हमने समीक्षा के दौरान एनएफआरए के साथ पारदर्शिता के साथ जानकारी दी।’
बीएसआर ने कहा कि वह रिपोर्ट का विस्तार से अध्ययन कर रही है और उसके मुताबिक अपनी प्रतिक्रिया देगी। बयान मेंं कहा गया है, ‘ऑडिट की गुणवत्ता हमारे पेशे में प्रमुख है और हम भारत के सभी पेशे में ऑडिट की गुणवत्ता में आगे सुधार को लेकर चुनौतियों से परिचित हैं। इस सिलसिले में हम एनएफआरए की कवायदों का समर्थन करने को प्रतिबद्ध हैं।’
आईएफआईएन की 2017-18 की वैधानिक ऑडिट पर एनएफआरए की रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएसआर और उसके नेटवर्क की अन्य इकाइयों ने केपीएमजी के ट्रेडमार्क और ब्रांड नाम का इस्तेमाल अपनी सभी ऑडिट और गैर ऑडिट सेवाओं के लिए किया, जबकि अपने को केपीएमजी से अलग दिखाने की कवायद की।
एनएफआरए ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘केपीएमजी की इकाई बताकर गैर ऑडिट सेवाएं देने का काम साफतौर पर बीएसआर की इकाइयों द्वारा की गई और कंपनी अधिनियम के तहत ऑडिटरों की स्वतंत्रता के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। साथ ही इससे इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया द्वारा अनिवार्य की गई नैतिकता की संहिता का भी उल्लंघन हुआ।’
ऑडिट समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक बीएसआर को पर्याप्त उचित ऑडिट के साथ्य नहीं मिले, जो ऑडिट के मानक के लिए जरूरी है और इसकी रिपोर्ट फाइनैशियल स्टेटमेंट में किया गया।
आईएफआईएन का 2017-18 में कर के पूर्व मुनाफा 201.96 करोड़ रुपये था, जिसमें सामान्य आकस्मिक व्यय के बदलाव का प्रावधान नहीं किया गया, डेरिवेटिव संपत्ति का अतार्किक मूल्यांकन और निवेश के मूल्य का प्रावधान नहीं किया गया। एनएफआरए ने कहा, ‘उपरोक्त उल्लिखित 3 वजहों से आईएफआईएन का मुनाफा बढ़कर 609 करोड़ रुपये हो गया।’
ऑडिट समीक्षा रिपोर्ट में प्रबंधन की  संबंधित परिकल्पना के इस्तेमाल से आकलन और सामग्री के गलत तरीके से दिखाए जाने के जोखिम का अनुचित मूल्यांकन संबंदी उल्लंघन पाया गया।
एनएफआरए ने यह भी पाया कि बीएसआर द्वारा इस्तेमाल की गई सूचना तकनीक प्रक्रिया और प्लेटफॉर्म में व्यवस्था संबंधी और ढांचागत खामियां पाई गईं। एनएफआरए ने कहा, ‘इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर की आईटी सुरक्षा के बुनियादी सिद्धांतों का पूरी तरह से असम्मान किया गया। इसकी वजह से ऑडिट दस्तावेजीकरण पूरी तरह से बेकार हो गया, जिस मकसद से यह किया गया।’
एनएफआरए ने यह भी कहा कि आईएफआईएन ने न्यूनतम शुद्ध मालिकाना वाले फंड और पूंजी व जोखिम संपत्ति अनुपात का अनुपालन नहीं किया, जिसका उलल्लेख एनबीएफसी ने किया है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘बहरहाल उन्होंने फाइनैंंशियल स्टेटमेंट में गलत आंकड़ों का खुलासा किया।’

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First Published - August 18, 2020 | 12:15 AM IST

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