फार्मईजी की पैरेंट कंपनी एपीआई होल्डिंग्स ने बाजार की मौजूदा स्थिति और रणनीतिक से आईपीओ के लिए जमा ड्राफ्ट पेपर वापस ले लिया है. इनीशियल पब्लिक ऑफर यानी आईपीओ लाने के लिए कंपनी ने मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा किया ड्राफ्ट पेपर वापस ले लिया है।फार्मइजी ने पिछले साल 9 नवंबर को आईपीओ लाने के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा कराए थे।
फार्मईजी की पैरेंट कंपनी ने ये भी बताया की कंपनी ने अपने ग्रोथ और विस्तार की योजना को लेकर प्रतिबद्ध है और वह एक ‘राइट इश्यू’ के जरिए फंड जुटाने पर विचार कर रही है। कंपनी का फंड जुटाने के लिए जो तरीका इस्तेमाल किया जाएगा वह ‘कंपलसरी कनवर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स यानी सीसीपीएस होगा और इश्यू प्राइस ‘100 रुपये प्रति सीसीपीएस होने की उम्मीद है। कंपनी ने जारी बयान में कि इसके लिए कंपनी के शेयर होल्डरों को एक ऑफर लेटर भेजा जाएगा, जिनमें बोर्ड की तरफ से तय किए शर्तों पर राइट इश्यू में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फार्मईजी की सार्वजनिक पेशकश से करीब 6,250 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। इसने प्री-आईपीओ से 5 से 5.7 अरब डॉलर के तक धन जुटाया था। जुलाई में ऐसी खबरें आई थीं कि फार्मईजी कम मूल्यांकन पर निजी प्लेसमेंट के माध्यम से लगभग 20 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश कर रही थी। (रिपोर्ट के अनुसार 25 प्रतिशत तक)
फाइनेंशियल सर्विस कंपनी इंडिया इंफोलाइन ने कहा कि वैल्यूएशन कम करके पैसा जुटाने का फैसला एक बार फिर दिखाता है कि स्टार्टअप्स को अब पूंजी जुटाने में दिक्कत हो रही है। वैश्विक मंदी ने निवेशकों को स्टार्टअप में निवेश करने से रोक दिया है क्योंकि वो अभी भी लाभ में नहीं है।
2022-23 में फार्मईजी का घाटा लगभग 32.4 अरब डॉलर बताया गया है। कई इंटरनेट आधारित स्टार्टअप की तरह फार्मईजी की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी तो हो रही है लेकिन खर्च भी अधिक हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार 2022-23 में इसकी बिक्री लगभग 70 करोड़ डॉलर रही है।
जून 2021 में फार्मईजी ने 4,546 करोड़ रुपये में डायग्नोस्टिक चेन, थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज का अधिग्रहण किया था। कुछ महीने बाद प्रोसेस वेंचर्स और टीपीजी ग्रोथ के साथ मिलकर 35 करोड़ डॉलर जुटाने के बाद कंपनी यूनिकॉर्न बन गई थी।