बड़े ऑर्डर प्रवाह, मार्जिन में तेज वृद्घि, और प्रतिफल में दो अंक की वृद्घि की उम्मीदें प्रमुख चार आईटी कंपनियों के दिसंबर तिमाही प्रदर्शन में प्रमुख बदलाव थे। प्रमुख चार कंपनियों ने सभी मानकों – राजस्व, मुनाफा, या शुद्घ मुनाफा वृद्घि के मोर्चे पर बाजार अनुमानों को मात दी है।
हालांकि दो बड़ी कंपनियों टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इन्फोसिस को उनके द्वारा हासिल किए गए बड़े ऑर्डर प्रवाह से अच्छी बढ़त बनाने में मदद मिली है। जहां टीसीएस ने तिमाही में 6.8 अरब डॉलर के सौदे हासिल किए, वहीं इन्फोसिस स्पष्टï रूप से अग्रणी रही है। कंपनी ने 7.13 अर ब डॉलर की अनुबंध वैल्यू दर्ज की, जो उसका सर्वाधिक ऑर्डर प्रवाह है और इसमें आधे से ज्यादा योगदान जर्मन वाहन दिग्गज डेमलर के साथ इसके समझौते की वजह से संभव हुआ है।
टीसीएस के लिए, बड़े सौदों में प्रूडेंशियल और डॉयचे बैंक के साथ सौदे भी शामिल हैं। दिसंबर तिमाही में विप्रो ने 1.2 अरब डॉलर के सौदे हासिल किए।
पूर्ववर्ती तिमाहियों में घोषित सौदों और डिजिटल सुधार से इन्फोसिस को निरंतर मौद्रिक आधार पर 5.3 प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्घि दर्ज करने में मदद मिली। टीसीएस ने भी अपने सभी प्रमुख वर्टिकलों में व्रूापक तेजी की मदद से अच्छी वृद्घि दर्ज की है। सालाना आधार पर, एचसीएल टेक ने चालू वर्ष 2020 में पहली बार बिक्री के संदर्भ में 10 अरब डॉलर का आंकड़ा पार किया है। इन्फोसिस और एचसीएल टेक ने वित्त वर्ष 2021 और चौथी तिमाही के लिए अपने राजस्व् और मार्जिन अनुमान के आंकड़े भी संशोधित किए हैं।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अमित चंद्रा ने कहा, ‘इन्फोसिस ने उम्मीद से बेहतर बड़े सौदे हासिल कर बाजार को चौंका दिया है। सभी आईटी कंपनियों के मजबूत ऑर्डर प्रवाह, और जून तिमाही की नरमी के बाद निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी से वित्त वर्ष 2022 में चार प्रमुख आईटी कंपनियों के लिए शानदार वृद्घि की संभावना दिखी हैं।’
प्राप्त होने वाले सौदों की अच्छी गति को देखते हुए टीसीएस और इन्फोसिस दोनों ने संकेत दिए हैं कि वे वित्त वर्ष 2022 में दो अंक की वृद्घि दर्ज करेंगी। विश्लेषकों ने विप्रो और एचसीएल टेक के लिए यह वृद्घि 10 प्रतिशत से ज्यादा रहने की उम्मीद जताई है जिसे देखते हुए आगामी वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2014 से) ऐसा पहला वर्ष होगा जब यह क्षेत्र दो अंक की वृद्घि दर्ज करेगा। ऑर्डर प्रवाह पर नजर रखने वाली वैश्विक आईटी शोध एवं सलाहकार फर्म आईएसजी ने संकेत दिया कि दिसंबर तिमाही सालाना अनुबंध वैल्यू के संदर्भ में अच्छी थी।
डिजिटल सेवाओं के अलावा, कंपनी को पारंपरिक सेवाओं में भी चालू वर्ष 2021 में 3 प्रतिशत की वृद्घि का अनुमान है। डिजिटल सेवाओं में 20 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी की संभावना है। चार प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों ने पारंपरिक सेवा खंड में सालाना आधार पर एक अंक की गिरावट दर्ज की। इस खंड का उनके राजस्व में करीब आधा योगदान रहा है। जहां लागत पर जोर रहेगा, वहीं विश्लेषकों का कहना है कि कुछ मार्जिन वृद्घि ढांचागत है और यह मध्यावधि के दौरान बरकरार रह सकती है। हालांकि अल्पावधि मार्जिन पर कुछ दबाव देखा जा सकता है, क्योंकि चालू तिमाही में पारिश्रमिक वृद्घि दर्ज की गई।
राजस्व और मार्जिन प्रदर्शन से भी इन्फोसिस और एचसीएल टेक जैसी कंपनियों को सर्वाधिक शुद्घ लाभ दर्ज करने में मदद मिली। इसके अलावा मजबूत नकदी से भी प्रमुख आईटी कंपनियों को अपने लाभांश बनाए रखने या कोष का इस्तेमाल डिजिटल क्षमताओं में निवेश के लिए करने में मदद मिलेगी। विश्लेषकों का कहना है कि बड़ी आईटी कंपनियां बाजार भागीदारी में सुधार, विक्रेता समेकन, और निजी मुद्राकरण के दम पर प्रमुख लाभार्थी होंगी। इससे उन्हें अपने महंगे मूल्यांकन को बरकरार रखने में मदद मिलने की संभावना है।