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इन्फोसिस के नतीजे पर अलग-अलग राय

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Last Updated- December 11, 2022 | 5:17 PM IST

प्रमुख आईटी सेवा कंपनी इन्फोसिस का वित्तीय प्रदर्शन जून 2022 तिमाही (वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही) में मिलाजुला रहा जिससे सोमवार को बीएसई पर कंपनी के शेयर में मामूली गिरावट दर्ज की गई। तिमाही के दौरान कंपनी का राजस्व में एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 23.6 फीसदी बढ़कर 34,470 करोड़ रुपये रहा जो बाजार के अनुमान से कहीं अ​धिक है। विश्लेषकों का कहना है कि राजस्व वृद्धि के मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन दमदार रहा लेकिन मार्जिन और शुद्ध लाभ में वृद्धि के मोर्चे पर कंपनी ने निराश किया।
​स्थिर मुद्रा आधार पर तिमाही के दौरान कंपनी के राजस्व में 5.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। जबकि अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियों जैसे एचसीएल टेक्नोलॉजिज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और विप्रो के मामले में यह आंकड़ा क्रमश: 2.7 फीसदी, 3.5 फीसदी और 2.1 फीसदी रहा।
कर्मचारियों को बरकरार रखने की अ​धिक लागत और मुद्रा बाजार की चुनौतियों से मार्जिन को झटका लगा। वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में कंपनी का मार्जिन 20.1 फीसदी रहा जबकि वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में यह आंकड़ा 21.5 फीसदी रहा था।
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि यात्रा लागत, वेतन में वृद्धि आदि चुनौतियों से मार्जिन पर दबाव वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में बरकरार रहने के आसार हैं। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने नतीजे के बाद कहा, ‘हमारा मानना है कि वित्त वर्ष 2023 के लिए मार्जिन अनुमान और वित्त वर्ष 2024 के लिए वृद्धि अनुमान में कटौती के कारण आम सहमति वाले अनुमानों के तहत प्रति शेयर आय (ईपीएस) में  करीब 3 से 5 फीसदी की कटौती होगी।’
वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में इन्फोसिस के वित्तीय नतीजे पर ब्रोकरेज फर्मों की राय इस प्रकार है:

जेफरीज- बाय -ल​क्षित मूल्य: 1,506
मार्जिन सालाना आधार पर 150 आधार अंक घटकर 20.1 फीसदी पर एक नया निचला स्तर है जो चिंताजनक है। इससे आय को झटका लगेगा। हालांकि
दमदार संभावित सौदों पर प्रबंधन की टिप्पणी से विश्लेषकों का नजरिया सकारात्मक है जबकि बड़े सौदों की बुकिंग में सालाना आधार पर 34 फीसदी की गिरावट दिख रही है जो पिछली नौ तिमाहियों में सबसे कम है।

जेपी मॉर्गन- ओवरवेट -ल​क्षित
मूल्य: 1,700
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि इन्फोसिस की आय में आगे उल्लेखनीय गिरावट दिख सकती है जबकि वित्त वर्ष 2023 के लिए राजस्व वृद्धि अनुमान में उम्मीद की किरण दिख रही है। आपूर्ति पक्ष की चुनौतियों के कारण मार्जिन अनुमान का रुख 21 से 23 फीसदी के दायरे में निचले स्तर की ओर होगा।

जेएम फाइनैं​शियल- बाय -ल​क्षित मूल्य: 1,720
ब्रोकरेज ने कमजोर मार्जिन को देखते हुए वित्त वर्ष 2022 से 2025 के अनुमान में 2.4 फीसदी से 4.7 फीसदी की कटौती की है। इसके बावजूद बाजार हिस्सेदारी में बढ़त/ वृद्धि के रुझान जारी रहने की सराहना।

सीएलएसए- बाय -ल​क्षित
मूल्य: 1,506
विश्लेषकों का मानना है कि वित्त वर्ष 2023 के लिए दमदार राजस्व वृद्धि अनुमान और कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि से इन्फोसिस की मांग को मजबूती
मिलेगी। उनका मानना है कि मांग परिदृश्य दमदार रहेगा और लागत संबंधी चुनौतियां कम होंगी।

मॉर्गन स्टैनली- ओवरवेट -ल​क्षित मूल्य: 1,535
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि निकट भविष्य में इस शेयर पर दबाव बरकरार रह सकता है। हालांकि प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2023 के लिए राजस्व अनुमान में वृद्धि की है लेकिन वह कमजोर मार्जिन पृरिदृश्य की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं होगा।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज- होल्ड -ल​क्षित मूल्य: 1,506
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि वित्त वर्ष 2023 और वित्त वर्ष 2024 के लिए एबिटा मार्जिन क्रमश: 21 फीसदी और 22.5 फीसदी रहेगा।
 
 

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First Published - July 26, 2022 | 1:29 AM IST

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