बिजनेस प्रॉसेस मैनेजमेंट (बीपीएम) फर्म जेनपैक्ट ने हाल में दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं जहां उसके राजस्व में सालाना आधार पर 10 फीसदी और स्थिर मुद्रा पर 7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी ने अब पूरे साल के लिए राजस्व में स्थिर मुद्रा पर 5.5 से 6.5 फीसदी वृद्धि का अनुमान जाहिर किया है जो पहले के 5 से 6.5 फीसदी के अनुमान से अधिक है। कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी टाइगर त्यागराजन ने नेहा अलावधी से विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश:
पूरे साल के वृद्धि अनुमान को बढ़ाने के लिए आपको भरोसा कहां से मिला?
हम जाहिर तौर पर दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे से काफी खुश थे। यदि पहली तिमाही और दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों को मिला दिया जाए तो वह हमारी मूल अपेक्षाओं से कहीं बेहतर रहा है। इससे हमें दूसरी तिमाही में ही वैश्विक ग्राहकों में दो अंकों से अधिक की वृद्धि दर्ज करने का भरोसा मिला। हमने वृद्धि के इस स्तर को चौथी तिमाही तक हासिल करने की उम्मीद की थी लेकिन वास्तविकता यह है कि हमने इसे दूसरी तिमाही में ही हासिल कर लिया। इससे पूरे साल के लिए एक आत्मविश्वास पैदा हुआ है। बैंकिंग के लिए भी यह तिमाही काफी अच्छी रही। जबरदस्त ऑर्डर प्रवाह और दमदार पाइपलाइन के साथ वास्तव में अन्य इकाइयों का प्रदर्शन भी शानदार रहा। एनालिटिक्स ने खासकर काफी अच्छा प्रदर्शन किया और हम पिछले नौ तिमाहियों से एनालिटिक्स में दमदार वृद्धि देख रहे हैं।
भारत में डेल्टा वेरिएंट और टीकाकरण के मद्देनजर कामकाज के सुचारु होने के बारे में आप क्या कहेंगे?
जिस रफ्तार से टीकाकरण अभियान चल रहा है उसे देखकर वास्तव में हम काफी खुश हैं। हम भारत में अपने परिचालन वाले सभी शहरों में खुद टीकाकरण अभियान चला रहे हैं। यह अभियान पिछले कुछ महीनों से चलाया जा रहा है और वास्तव में हमें भरोसा है कि हम देश में टीकाकरण की रफ्तार से आगे हैं। हम अपने अधिकतर लोगों को इस साल के अंत तक पूरी तरह टीकाकरण करने की राह पर अग्रसर हैं।
क्या आप हाइब्रिड अथवा वर्क फ्रॉम होम मॉडल को अपनाएंगे?
हमेशा से हम मानते रहे हैं कि भविष्य हाइब्रिड का होगा। भविष्य में कामों का संयोजन इस प्रकार होगा कि हमारे ग्राहक कुछ काम खुद करेंगे और कुछ हमें आउटसोर्स करेंगे। कुछ काम आसपास से किया जाएगा जबकि कुछ काम को काफी दूर से संचालित किया जाएग जिसमें आमतौर पर भारत, फिलीपींस, लैटिन अमेरिका या कुआलालंपुर जैसे अंग्रेजी भाषी जगह शामिल होगी।
प्रयोग की बात की जाए तो राइज टुगेदर कार्यक्रम (कोविड-19 के बाद बेरोजगार हुए लोगों को भर्ती करने का अभियान) कैसा रहा?
इस कार्यक्रम को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है, खासकर पहले छह महीने के दौरान क्योंकि इसी अवधि में सबसे अधिक लोग सोच रहे थे कि आगे क्या किया जाए। हमारी नियुक्तियां लगातार रफ्तार में हैं क्योंकि हमारा कारोबार बढ़ा है। पिछले साल हमने 20,000 से 25,000 लोगों को नियुक्त किया था। हमें लगता है कि इस साल भी निश्चित तौर पर आंकड़ा उसी स्तर तक पहुंचेगा। इसमें प्रतिनियुक्ति और नई नियुक्ति दोनों शामिल होंगे। हम ऑन-बोर्ड, प्रशिक्षित, एकीकृत आदि सभी तरह की नियुक्तियां करेंगे। वे पूरी तरह दूर के एक परिवेश से नई चीजें सीखेंगे।