कच्चे माल की कीमतों में नरमी और परिचालन लागत कम होने से कंपनियों के मुनाफे को देखते हुए शेयरधारक वित्त वर्ष 2021 में अपनी कंपनियों से ज्यादा लाभांश की उम्मीद कर सकते हैं। वित्त वर्ष 2021 में अब तक जिन कंपनियों ने अपने नतीजों की घोषणा की है उनका समेकित लाभांश भुगतान 8.9 फीसदी बढ़ा है लेकिन वित्त वर्ष 2020 की 21.9 फीसदी वृद्घि की तुलना में यह कम है। नतीजों की घोषणा करने वाली शुरुआती कंपनियों की समेकित शुद्घ बिक्री वित्त वर्ष 2021 में 1.8 फीसदी घटी है जबकि शुद्घ मुनाफा 27.3 फीसदी बढ़ा है।
कुछ शीर्ष कंपनियों ने वित्त वर्ष 2021 में ज्यादा लाभांश भुगतान की घोषणा की है। इन कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंडस टावर्स, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, लार्सन ऐंड टुब्रो, डाबर, एशियन पेंट्स और यूपीएल आदि प्रमुख हैं। दूसरी ओर बैंक लाभांश नहीं दे रहे हैं जबकि मैरिको, टीसीएस, मारुति सुजूकी और गोदरेज कंज्यूमर ने वित्त वर्ष 2021 में कम लाभांश की घोषणा की है।
व्यक्तिगत स्तर पर बात करें तो टीसीएस वित्त वर्ष में सबसे ज्यादा 14,250 करोड़ रुपये का लाभांश देगी जो पिछले साल के 27,375 करोड़ रुपये के लाभांश भुगतान से 48 फीसदी कम है। इसी तरह इन्फोसिस ने 11,469 करोड़ रुपये लाभांश की घोषणा की है। हिंदुस्तान यूनिलीवर ने 9,517 करोड़ रुपये, इंडस टावर्स 5,422 करोड़ रुपये, लार्सन ऐंड टुब्रो 5,056 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 4,511 करोड़ रुपये लाभांश का ऐलान किया है।
बिजनेस स्टैंडर्ड के नमूने में शामिल कुल 268 कंपनियों ने वित्त वर्ष 2021 के लिए करीब 1.16 लाख करोड़ रुपये समेकित लाभांश का प्रस्ताव किया है जो पिछले साल के 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। हालांकि वित्त वर्ष 2021 में लाभांश भुगतान का अनुपात 28.5 फीसदी है जो इससे पिछले साल के 33.3 फीसदी से कम है। आसान शब्दों में कहें तो कंपनियां वित्त वर्ष 2021 में अपने शुद्घ मुनाफे का 28.5 फीसदी लाभांश देगी। इन कंपनियों का समेकित शुद्घ मुनाफा इस दौरान 4.06 लाख करोड़ रुपये रहा जो इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 27.3 फीसदी अधिक है।
गैर-आईटी कंपनियों की बात करें तो वित्त वर्ष 2021 में वे ज्यादा लाभांश दे रही हैं। गैर-आईटी कंपनियों का समेकित लाभांश भुगतान 23.3 फीसदी बढ़ा है जो बीते पांच साल में सबसे तेज वृद्घि है। इन कंपनियों ने अपने शेयरधारकों को 78,127 करोड़ रुपये लाभांश देने का प्रस्ताव किया है जबकि वित्त वर्ष 2020 में 63,380 करोड़ रुपये लाभांश का भुगतान किया था। इसके उलट आईटी कंपनियों टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इन्फोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने वित्त वर्ष 2021 में लाभांश भुगतान में कटौती की है। जिन आईटी कंपनियों ने अब तक नतीजे जारी किए हैं, उनका समेकित लाभांश वित्त वर्ष 2021 में 37,568 करोड़ रुपये रहा है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष के 42,811 करोड़ रुपये से 12.2 फीसदी कम है।
विश्लेषकों को कहना है कि आईटी कंपनियों द्वारा पिछले वित्त वर्ष में शेयर पुनर्खरीद बढ़ाने से लाभांश का भुगतान कम हुआ है।