वैश्विक शोध एवं ब्रोकिंग कंपनी सीएलएसए ने मुकेश अंबानी नियंत्रित रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के शेयर की रेटिंंग ‘आउटपरफॉर्म’ से बढ़ाकर ‘खरीदें’ कर दी है। ब्रोकरेज कंपनी ने उम्मीद जताई है कि यह शेयर एक साल की अवधि में 2,955 रुपये की ऊंचाई पर पहुंच सकता है, जो मौजूदा स्तरों से 23 प्रतिशत तक और उसके 2,850 रुपये के पिछले लक्ष्य से करीब 3.7 प्रतिशत की वृद्घि है।
हमारा मानना है कि आरआईएल दीर्घावधि के लिहाज से एक अच्छा निवेश अवसर है। जियो और रिटेल में स्पष्ट सुधार एवं तेजी से पिछले 18 महीनों के दौरान इन व्यवसायों के सूचीबद्घ और गैर-सूचीबद्घ खंडों के मूल्यांकन में अच्छी तेजी आई है और नई ऊर्जा के लिए कुछ मूल्य से उसकी मौजूदा कीमत में अंतर को आसानी से समायोजित किया जा सकता है। आरआईएल संगठित रिटेल और ई-कॉमर्स, डिजिटल और जियो के जरिये प्रौद्योगिकी पहुंच की बढ़ती भागीदारी के दीर्घावधि थीमों के लिए अच्छा दांव बना हुआ है और उसका ध्यान नई ऊर्जा पर बना हुआ है। सीएलएसए के विकास कुमार जैन ने 30 जनवरी की अपनी रिपोर्ट में लिखा, ‘जियो एवं रिटेल का आईपीओ 24 महीनों में दांव के लिए बड़ कारक हो सकते हैं।’ रिलायंस जियो के बाद उसकी प्रतिस्पर्धी भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया (वीआई) ने नवंबर 2021 में अपने प्रीपेड दर प्लान में करीब 20 प्रतिशत तक की वृद्घि की। नई दर वृद्घि 1 दिसंबर से प्रभावी हुई।
दिसंबर 2021 की तिमाही में, रिलायंस जियो का शुद्घ लाभ सालाना आधार पर 8.8 प्रतिशत बढ़कर 3,795 करोड़ रुपये पर पहुंच गया और उसे राजस्व वृद्घि तथा डेटा खपत में तेजी आने से मदद मिली। वर्ष 2020 के मध्य में हिस्सेदारी बिकवाली के बाद से एक मजबूत कंपनी के तौर पर आरआईएल के रिटेल सेगमेंट ने भी अच्छा सुधार दर्ज किया है।
वैश्विक शोध एवं ब्रोकिंग कंपनी सीएलएसए ने मुकेश अंबानी नियंत्रित रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के शेयर की रेटिंंग ‘आउटपरफॉर्म’ से बढ़ाकर ‘खरीदें’ कर दी है। ब्रोकरेज कंपनी ने उम्मीद जताई है कि यह शेयर एक साल की अवधि में 2,955 रुपये की ऊंचाई पर पहुंच सकता है, जो मौजूदा स्तरों से 23 प्रतिशत तक और उसके 2,850 रुपये के पिछले लक्ष्य से करीब 3.7 प्रतिशत की वृद्घि है।
हमारा मानना है कि आरआईएल दीर्घावधि के लिहाज से एक अच्छा निवेश अवसर है। जियो और रिटेल में स्पष्ट सुधार एवं तेजी से पिछले 18 महीनों के दौरान इन व्यवसायों के सूचीबद्घ और गैर-सूचीबद्घ खंडों के मूल्यांकन में अच्छी तेजी आई है और नई ऊर्जा के लिए कुछ मूल्य से उसकी मौजूदा कीमत में अंतर को आसानी से समायोजित किया जा सकता है। आरआईएल संगठित रिटेल और ई-कॉमर्स, डिजिटल और जियो के जरिये प्रौद्योगिकी पहुंच की बढ़ती भागीदारी के दीर्घावधि थीमों के लिए अच्छा दांव बना हुआ है और उसका ध्यान नई ऊर्जा पर बना हुआ है। सीएलएसए के विकास कुमार जैन ने 30 जनवरी की अपनी रिपोर्ट में लिखा, ‘जियो एवं रिटेल का आईपीओ 24 महीनों में दांव के लिए बड़ कारक हो सकते हैं।’ रिलायंस जियो के बाद उसकी प्रतिस्पर्धी भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया (वीआई) ने नवंबर 2021 में अपने प्रीपेड दर प्लान में करीब 20 प्रतिशत तक की वृद्घि की। नई दर वृद्घि 1 दिसंबर से प्रभावी हुई।
दिसंबर 2021 की तिमाही में, रिलायंस जियो का शुद्घ लाभ सालाना आधार पर 8.8 प्रतिशत बढ़कर 3,795 करोड़ रुपये पर पहुंच गया और उसे राजस्व वृद्घि तथा डेटा खपत में तेजी आने से मदद मिली। वर्ष 2020 के मध्य में हिस्सेदारी बिकवाली के बाद से एक मजबूत कंपनी के तौर पर आरआईएल के रिटेल सेगमेंट ने भी अच्छा सुधार दर्ज किया है।