कोवैक्सीन दुनिया का पहला ऐसा कोविड-19 टीका बन गया है, जिसके दो साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों पर इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई है। देश के दवा नियामक को सलाह देने वाली विशेषज्ञ समिति ने भारत बायोटेक के कोविड टीके को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देने की सिफारिश की है। कंपनी से कहा गया है कि वह टीकाकरण के बाद किसी प्रतिकूल असर के आंकड़े अगले दो महीने तक हर 15 दिन में मुहैया कराए।
कंपनी से टीका पैक के लिए पैकेज इन्सर्ट, फैक्ट-शीट और उत्पाद विशेषताओं के सार (एसएमपीसी) को अद्यतन करने के लिए भी कहा गया है। भारत बायोटेक ने कहा कि वह बच्चों का टीका शुरू करने के लिए केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की मंजूरी का इंतजार कर रही है। विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने दवा नियामक को अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं, इसलिए भारतीय दवा महानियंत्रक (डीसीजीआई) से औपचारिक मंजूरी मिलना लगभग तय है।
कंपनी ने मंगलवार को कहा, ‘भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन (बीबीवी152) के 2 से 18 वर्ष के आयु वर्ग में चिकित्सकीय परीक्षणों के आंकड़े सीडीएससीओ को सौंप दिए हैं। सीडीएससीओ और विषय विशेषज्ञ समिति ने इन आंकड़ों की व्यापक समीक्षा की है और अपनी सकारात्मक सिफारिश दी है।’ कंपनी ने पिछले सप्ताह बच्चों पर अपने टीके के परीक्षण के आंकड़े नियामक के पास जमा किए थे। कंपनी ने कहा, ‘दुनिया भर में 2 से 18 साल के आयु वर्ग के लिए कोविड-19 टीकों की यह पहली मंजूरी है।’ कंपनी ने कहा कि अब उसे डीसीजीआई की औपचारिक मंजूरी का इंतजार है। कंपनी के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की कि बच्चों के लिए टीके में कोवैक्सीन के समान ही दवा सामग्री है।
भारत बायोटेक से कहा गया है कि वह टीकाकरण के बाद प्रतिकूल असर के मामलों (एईएफआई) और एडवर्स इवेंट ऑफ स्पेशल इंटरेस्ट (एईएसआई) के आंकड़ों समेत सुरक्षा आंकड़े पहले दो महीनों में हर 15 दिन में और उसके बाद महीने में एक बार उपलब्ध कराए। कंपनी को नई दवा एवं चिकित्सकीय परीक्षण नियम, 2019 के मुताबिक एक जोखिम प्रबंधन योजना भी पेश करनी होगी।
यह देखना होगा कि भारत बायोटेक बच्चों के टीके की मांग पूरी कर सकती है या नहीं। मुंबई के एक विश्लेषक ने कहा, ‘भारत में 35 से 40 करोड़ की आबादी 18 साल से कम की हो सकती है। हर किसी को दो खुराकों की जरूरत मानी जाए तो कम से कम 70 से 80 करोड़ खुराकों की मांग आएगी।’ भारत बायोटेक कोविड-19 के अपने टीके की मांग पूरी करने में पहले ही जूझ रही है। कंपनी ने संकेत दिया है कि वह अक्टूबर में 5.5 करोड़ खुराकों का उत्पादन करेगी और दिसंबर तक हर महीने 8 करोड़ खुराकों की उत्पादन क्षमता हासिल करने की योजना बना रही है।