facebookmetapixel
Motilal Oswal 2026 Stock Picks| Stocks to Buy in 2026| मोतीलाल ओसवाल टॉप पिक्सNew Year 2026: 1 जनवरी से लागू होंगे 10 नए नियम, आपकी जेब पर होगा असर2026 की पहली तिमाही में PPF, SSY समेत अन्य स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर कितना मिलेगा ब्याज?1 फरवरी से सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला और तंबाकू उत्पाद होंगे महंगे, GST बढ़कर 40% और एक्साइज-हेल्थ सेस लागूGST Collections: ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन दिसंबर में 6% बढ़कर ₹1.74 लाख करोड़, घरेलू रेवेन्यू पर दबाव2026 में ये 5 शेयर कराएंगे अच्छा मुनाफा! ब्रोकरेज ने दी BUY रेटिंग, 35% तक अपसाइड के टारगेटसेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स किसी रोलर-कोस्टर से कम नहीं, 2026 के लिए एक्सपर्ट्स ने बताई निवेश की स्ट्रैटेजीतरुण गर्ग बने ह्युंडै मोटर इंडिया के MD & CEO, पहली बार भारतीय को मिली कमानरुपये की कमजोरी, बाजार की गिरावट का असर; 2025 में सिमटा भारत के अरबपतियों का क्लबVodafone Idea Share: 50% टूट सकता है शेयर, ब्रोकरेज ने चेताया; AGR मामले में नहीं मिली ज्यादा राहत

फॉर्मूलेशन कारोबार तेजी से बढ़ने की उम्मीद: Biocon CEO

बायोकॉन सीईओ ने कहा कि हमें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में फॉर्मूलेशन कारोबार तेजी से बढ़ेगा और एपीआई कारोबार से आगे निकल जाएगा।

Last Updated- May 21, 2024 | 11:35 PM IST
Biocon

बायोकॉन (Biocon) चालू वित्त वर्ष के लिए अपनी रणनीतियों और दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित करते हुए बायोसिमिलर बाजार के उभरते बदलावों को खंगाल रही है।

बायोकॉन समूह के मुख्य कार्याधिकारी पीटर बैंस (Biocon CEO) ने अनीका चटर्जी के साथ बातचीत में प्रमुख क्षेत्रों में बाजार हिस्सेदारी हासिल करने के अपने प्रयासों, एपीआई की कम कीमतों के प्रभाव तथा बायोसिमिलर और जेनेरिक के लिए भविष्य की विकास योजनाओं पर चर्चा की।

इसके अलावा उन्होंने बायोकॉन की रणनीतिक साझेदारियों, ऋण कटौती की योजनाओं और उनके अनुबंध वाले अनुसंधान कारोबार में प्रत्याशित सुधार पर प्रकाश डाला। प्रमुख अंश …

-बदलाव की अधिक लागत के बावजूद बायोसिमिलर का एबिटा मार्जिन 24 प्रतिशत के स्तर पर वापस आ गया क्योंकि शोध एवं विकास (आरऐंडडी) व्यय घटा (पिछली तिमाही की तुलना में 25 प्रतिशत की कमी) है। वित्त वर्ष 25 में बायोसिमिलर के आरऐंडडी के मामले में क्या दृष्टिकोण है?

जैसा कि हम पहले ही संकेत दे चुके हैं, इस वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 25) में हम मुख्य मार्जिन 13 से 14 प्रतिशत के दायरे में तथा एबिटा तकरीबन 25 प्रतिशत के आसपास रखने की दिशा में काम कर रहे हैं। यही वह दृष्टिकोण है, जिस पर हम काम कर रहे हैं।

-बायोसिमिलर क्षेत्र में आप किस तरह बाजार हिस्सेदारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं?

यह उस कहानी का रोमांचक हिस्सा है, जिसे हमने चौथी तिमाही में बायोसिमिलर कारोबार में महत्वपूर्ण रफ्तार के साथ देखा। हमने इसे अमेरिका में देखा, जहां हमने अपने सभी प्रमुख उत्पादों पेगफिलग्रैस्टिम, ट्रैस्टुजुमैब और ग्लार्गिन की बाजार हिस्सेदारी में इजाफा देखा और हम वहां बाजार हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।

यूरोप में हमने उस अवधि में बाजार हिस्सेदारी हासिल की, जब कारोबार में बदलाव हो रहा था। यह भी बेहतरीन प्रदर्शन है। हम फ्रांस और जर्मनी से आगे पहुंच बढ़ाने का प्रयास करेंगे, जो पहले मुख्य बाजार थे, लेकिन अब हम ब्रिटेन, स्पेन, इटली और अन्य बाजारों में भौगोलिक पहुंच बढ़ा रहे हैं। वे विकास के मंच होंगे। उभरते बाजारों में हमने वहां रिकॉर्ड तिमाही बिक्री देखी।

एपीआई के कम दाम आपके जेनेरिक कारोबार को किस तरह प्रभावित कर रहे हैं?

एपीआई में नरमी क्षेत्र व्यापी घटना है, न कि केवल बायोकॉन की और इसमें गिरावट का रुख है। यह हमें मार्जिन के लिहाज से प्रभावित कर रही है और कुछ स्तरों पर हमारी प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता को प्रभावित कर रही है, लेकिन सिक्का का दूसरा पहलू यह है कि हमारे जेनेरिक कारोबार में मजबूत रफ्तार है, जिसे हम अपने फॉर्मूलेशन कारोबार में देख रहे हैं।

हमें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में फॉर्मूलेशन कारोबार तेजी से बढ़ेगा और एपीआई कारोबार से आगे निकल जाएगा क्योंकि वर्तमान में उन दोनों के बीच हमारे राजस्व का अनुपात लगभग 75 और 25 है।

पेगफिलग्रैस्टिम, ट्रैस्टुजुमैब और ग्लार्गिन जैसे पहले से ही व्यावसायीकृत उत्पादों के साथ अमेरिका में बाजार हिस्सेदारी हासिल करने के लिए आप क्या कोशिश कर रहे हैं?

हम अमेरिका में बायोसिमिलर कारोबार के तिमाही प्रदर्शन से काफी खुश हैं, जहां हमने देखा कि बाजार हिस्सेदारी में व्यापक वृद्धि हुई है। ग्लार्गिन के 15 प्रतिशत तक बढ़ने के साथ यह लगभग 18 प्रतिशत है और इसमें 3 प्रतिशत का क्लोज्ड सर्किट शामिल नहीं है।

फॉर्मूलेशन के मामले में हम पहले से ही 21 प्रतिशत के स्तर पर हैं और ट्रैस्टुजुमैब के मामले में हम 18 प्रतिशत के स्तर पर हैं। तो, ये बड़े बाजार हिस्सेदारी है और यहां व्यापक स्तर पर अच्छी वृद्धि हुई है। यह उत्तरी अमेरिका और अमेरिका में हमारी टीम की ताकत तथा फार्मेसी कारोबार प्रबंधन (पीबीएम) बाजार, अस्पताल बाजार तथा सरकारी और निजी चैनलों में बाजार के अवसरों को शामिल करने और उन पर ध्यान देने में उनकी विशेषज्ञता को दर्शाता है।

आपकी पाइपलाइन में बायोसिमिलर नोवोलॉन्ग और बायोसिमिलर अवास्टिन वगैरह भी शामिल है। लेकिन क्या मलेशिया और बेंगलूरु में संयंत्र निरीक्षण में देरी की वजह से भविष्य में उत्पाद शुरू करने और विकास पर असर पड़ रहा है?

साफ तौर पर कहें, तो अगर अमेरिका में विनियामकीय देरी न होती तो हम इसे प्राथमिकता देते। मुझे लगता है कि अब हम अच्छी स्थिति में हैं। एजेंसी के साथ हमारी बहुत रचनात्मक बातचीत हुई है। हमने मलेशिया में सभी जरूरी कागजात पूरे कर लिए हैं और सब जमा कर दिए हैं।

मलेशिया और बेंगलूरु दोनों में दस्तावेजों पर काम हो रहा है। यहां किसी भी स्थल पर कोई वैज्ञानिक मसला लंबित नहीं था। हम अब निरीक्षण का इंतजार कर रहे हैं और फिर स्पष्ट रूप से निरीक्षण पर निर्भर करता है। अगर वे निरीक्षण अच्छे रहते हैं, तो हम इस वित्त वर्ष के अंत में शुरुआत करने पर विचार करने की स्थिति में भी हो सकते हैं।

क्या आप भारतीय कारोबार से कोई अन्य पोर्टफोलियो बेचेंगे/विनिवेश करेंगे?

फिलहाल उस पर विचार करने की कोई योजना नहीं है।

First Published - May 21, 2024 | 10:31 PM IST

संबंधित पोस्ट