फिनटेक फर्म भारतपे ने कहा है कि पिछले 12 महीनों के दौरान उसने अपने पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) कारोबार को 25 गुना बढ़ाकर 250 से अधिक शहरों तक विस्तृत कर लिया है। देश में निजी पीओएस क्षेत्र की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी ने कहा कि इस दौरान उसका वार्षिक लेनदेन मूल्य करीब 200 फीसदी बढ़कर 4 अरब डॉलर हो गया।
साल 2020 की दूसरी छमाही में अपने पीओएस कारोबार को लॉन्च करने के बाद से अब तक कंपनी ऑफलाइन दुकानों पर 1,25,000 से अधिक भारतस्वाइप मशीनों की तैनाती कर चुकी है। भारतपे ने कहा है कि यह भारत के पीओएस कारोबार में अब तक की सबसे तेज वृद्धि रही है।
कंपनी के कुल भुगतान लेनदेन प्रॉसेस्ड मूल्य (टीपीवी) में भारतस्वाइप का योगदान करीब 25 फीसदी है। कंपनी ने कहा है कि गैर-महानगरों में कंपनी के पीओएस कारोबार का उल्लेखनीय विस्तार हुआ। साल 2021 के बाद 50 फीसदी से अधिक भारतस्वाइप मशीनों की तैनाती छोटे शहरों और कस्बों में की गई है। भारतपे के सीईओ सुहैल समीर ने कहा, ‘भारत के पीओएस उद्योग में भारतस्वाइप की सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज की है। इसने 2020 में कोविड के दौरान महज 10 शहरों से अपना सफर शुरू किया था जो आज सालाना करीब 4 अरब भुगतान को प्रॉसेस करती है।’ उन्होंने कहा, ‘पिछले साल के दौरान हमने अपने पीओएस कारोबार में कई गुना वृद्धि दर्ज की जिसे छोटे एवं मझोले शहरों और कस्बों में आक्रामक विस्तार की हमारी योजना से बल मिला।’
फर्म का मानना है कि छोटे शहरों में बड़ी तादाद में कारोबारियों ने पीओएस मशीन का उपयोग कभी नहीं किया था क्योंकि पीओएस के लिए काफी किराया देना पड़ता था। ऐसे में हमें शून्य किराये पर अपनी पीओएस मशीनों को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। समीर ने कहा, ‘हम अलापुझा, आजमगढ़ और चालिसगांव जैसे कम डिजिटल पहुंच वाले दूरदराज के क्षेत्रों में मौजूद छोटे व्यापारियों के बीच अपने पीओएस को ले जाने में सफल रहे। वास्तव में हमारे 60 फीसदी से अधिक व्यापारी पहली बार पीओएस के उपयोगकर्ता हैं।’