अदाणी समूह द्वारा 34 साल पुराने मीडिया संस्थान एनडीटीवी के अधिग्रहण के बाद गौतम अदाणी दुनिया में मीडिया कारोबार की बडी हस्ती माने जाएगे। अदाणी दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। इस अधिग्रहण के पीछे एक बकाया कर्ज है। जो नई दिल्ली टेलीविजन (एनडीटीवी) के संस्थापक प्रणय और राधिका रॉय ने 2009-10 में अरबपति मुकेश अंबानी से जुड़ी कंपनी से लिया था।
विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (वीसीपीएल) ने एनडीटीवी की प्रवर्तक कंपनी आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड को 403.85 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था।
इस ब्याज मुक्त कर्ज के बदले आरआरपीआर ने वीसीपीएल को वॉरंट जारी किए थे। जिनका अगर वह भुगतान नहीं कर सकी तो ऐसी स्थिति में उन्हें आरआरपीआर में 99.9 प्रतिशत हिस्सेदारी में बदलने का अधिकार होगा।
वीसीपीएल का स्वामित्व 2012 में बदल गया। अदाणी समूह की फर्म ने पहले इसके नए मालिक से वीसीपीएल का अधिग्रहण किया और फिर बकाया ऋण को मीडिया कंपनी में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी में बदलने के विकल्प का प्रयोग किया। इसके बाद अदाणी समूह ने देश के अधिग्रहण मानदंडों के अनुरूप जनता से अतिरिक्त 26 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए 493 करोड़ रुपये की खुली पेशकश की।
प्रणय और राधिका रॉय ने अदाणी के इस कदम को जबरन या द्वेषपूर्ण अधिग्रहण माना और कहा कि ऐसा बिना किसी चर्चा, सहमति या नोटिस के किया गया। एनडीटीवी के अधिग्रहण के साथ ही अदाणी, जेफ बेजोस और मर्डोक परिवार की सूची में शामिल हो जाएंगे।