एयरएशिया इंडिया का नुकसान वित्त वर्ष 21 में सालाना आधार पर दोगुना होकर 1,533 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जबकि विस्तारा का घाटा कम होकर इस अवधि में 1,612 करोड़ रुपये रह गया। कंनपी की तरफ से दी गई सूचना से यह जानकारी मिली।
वित्त वर्ष 21 में हवाई यात्रा पर कोविड महामारी का असर पड़ा, जिसके कारण दो महीने तक उड़ान बंद रही और नुकसान हुआ। देसी हवाई यात्री की संख्या घटकर सात साल के निचले स्तर पर आ गई और राज्यों में पाबंदी आदि के कारण इसमें धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
टाटा समूह की विमानन कंपनी के लिए यह साल मिश्रित रहा। कंपनी का परिचालन घाटा हालांकि बढ़ा, लेकिन विस्तारा का शुद्ध नुकसान घटकर 1,814 करोड़ रुपये के मुकाबले वित्तवर्ष 21 में 1,612 करोड़ रुपये रह गया, जिसकी वजह विदेशी मुद्रा का फायदा था।
दूसरी ओर एयर एशिया इंडिया का शुद्ध नुकसान इस अवधि में 95 फीसदी बढ़कर 1,533 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एयरएशिया इंडिया के अंकेक्षक ने चालू रहने की कंपनी की क्षमता को लेकर चेतावनी दी है क्योंकि वित्त वर्ष 21 के नतीजे से नेटवर्थ पूरी तरह खत्म हो गया।
राजस्व के मोर्चे पर कोविड 19 के अवरोध और परिचालन में चरणबद्ध बढ़त से एयरएशिया का राजस्व 63 फीसदी घटा। उसका राजस्व घटकर वित्त वर्ष 21 में 1,358.72 करोड़ रुपये रह गया। विस्तारा का राजस्व 52 फीसदी घटकर इस अवधि में 2,243.49 करोड़ रुपये रहा।
एयरएशिया इंडिया ने इस पर टिप्पणी नहीं की, लेकिन कंपनी के सूत्र ने कहा कि घाटा बढऩे की वजह एयरएशिया बरहेड को सात एयरबस की वापसी के साथ उसकी डिलिवरी का खर्च है। उन्होंने कहा कि यह खर्च हालांकि एकबार का है, लेकिन विमानों की वापसी से कंपनी को लागत बचाने में मदद मिली है।