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मुंबई–दिल्ली रूट पर एयर इंडिया ने इंडिगो को पीछे छोड़ा

OAG के आंकड़ों के अनुसार 2025 में मुंबई–दिल्ली दुनिया का आठवां सबसे व्यस्त हवाई मार्ग रहा, एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 49% हुई

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सुरजीत दास गुप्ता   
Last Updated- January 02, 2026 | 9:03 AM IST

मुंबई से दिल्ली का हवाई मार्ग सीटों और उड़ानों की संख्या के लिहाज से दुनिया के शीर्ष 10 सबसे व्यस्त मार्गों में शुमार हो गया है। इस मार्ग पर पहले पीछे चलने वाली एयर इंडिया ने इंडिगो को पछाड़ दिया है। इंडिगो की फिलहाल भारतीय विमानन बाजार में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मुंबई-दिल्ली मार्ग पर विमानन कंपनियों के बीच तेज हुई प्रतिस्पर्द्धा के कारण बीते साल हवाई किराया भी नीचे आया है।

विमानन उद्योग पर नजर रखने वाली कंपनी ओएजी के ताजा आंकड़ों के अनुसार 76.4 लाख सीटों के साथ साल 2025 में मुंबई और दिल्ली मार्ग दुनिया का आठवां सबसे व्यस्त मार्ग रहा। इसने पेइचिंग-शांघाई हांग्जो जैसे मार्गों को भी पीछे छोड़ दिया है। ओएजी के वैश्विक शोध के अनुसार 2025 में दुनिया में केवल आठ ऐसे घरेलू मार्ग थे, जिन पर रोजाना उड़ानों की औसत आवाजाही 100 या उससे अधिक रही यानी लगभग हर घंटे चार से अधिक उड़ानें संचालित हुईं। इस सूची में भारत का केवल एक मार्ग मुंबई -दिल्ली शामिल रहा। यह पदानुक्रम में सातवें स्थान पर रहा जिस पर औसतन रोजाना 107 उड़ानें संचालित की जा रही थीं।

इस मार्ग पर कारोबार की बड़ी गुंजाइश देखते हुए विमानन कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्द्धा बढ़ गई है। एयर इंडिया समूह (एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मिलकर इंडिगो का वर्चस्व तोड़ दिया है। सीरियम के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 में इस मार्ग पर 3,41,202 सीटों के साथ एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने संयुक्त रूप से 48.8 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर कब्जा जमा लिया। इसके विपरीत इंडिगो 38.8 प्रतिशत हिस्सेदारी और 2,71,052 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। शेष क्षमता मुख्य रूप से आकाश एयर और स्पाइसजेट के नाम है। इंडिगो ने दिसंबर में अपनी 6,820 सीटें कम कर दीं। एयर इंडिया समूह ने मुंबई-दिल्ली मार्ग पर उड़ानें बढ़ा दी हैं।

एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों की संख्या दिसंबर 2024 में 63 से दोगुनी होकर 124 तक पहुंच गई है और इसी मार्ग पर एयर इंडिया की 46 उड़ानें भी संचालित की जा रही हैं। अकासा एयर जैसी विमानन कंपनियों ने भी उड़ानें बढ़ाई हैं। पिछले वर्ष की तुलना में दिसंबर में कंपनी ने सीट क्षमता में 33 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की जबकि स्पाइसजेट ने अपनी क्षमता 23 प्रतिशत बढ़ा दी। दिलचस्प बात यह है कि प्रतिस्पर्द्धा बढ़ने से हवाई किराया नीचे खिसक गया है। ओएजी का अनुमान है कि इस मार्ग पर औसत हवाई किराया 2025 में 66 डॉलर था मगर अब यह कम होकर 2024 के स्तर से 7 प्रतिशत कम रह गया है।

हालांकि, विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि इस मार्ग पर अभी अधिक यात्रियों के सफर करने की गुंजाइश बनी हुई है। वास्तव में इस वर्ष बेंगलूरु यात्रियों की आवाजाही के मामले में इससे आगे निकल गया।
हालांकि मुंबई में अदाणी समूह द्वारा संचालित नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की क्षमता अभी सीमित है। लेकिन बीते 25 दिसंबर को ही इस हवाई अड्डे का संचालन शुरू हुआ है और इस पर सेवाएं बढ़ेंगी। इसलिए आने वाले गर्मी के सीजन से इस मार्ग पर अधिक उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है।

First Published : January 2, 2026 | 9:03 AM IST