सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के कर्मचारी यूनियन ने कर्मचारियों के वेतन में अनुचित कटौती का विरोध किया है। यूनियन ने इस चिकित्सा लाभ को जारी रखते हुए और निजीकरण से पहले बकाये का भुगतान करने की मांग की है। पायलट यूनियन ने अपने सदस्यों को अतिरिक्त ड्यूटी न करने के लिए कहा है। जबकि एयर इंडिया एम्प्लॉयीज यूनियन (एआईईओ) ने बकाये का भुगतान, अवकाश का नकदीकरण, चिकित्सा लाभ को जारी रखने आदि तमाम मुद्दों पर नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ बैठक करने की मांग की है। एआईईयू के महासचिव पराग अजगांवकर ने कहा कि यूनियन ने मुफ्ट टिकट, आवास, परिवहन एवं कैंटीन सुविधाओं को इस विमानन कंपनी के निजीकरण के बाद भी जारी रखने की मांग की है। शनिवार को इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन और इंडियन पायलट्स गिल्ड ने अपने सदस्यों को एक निर्देश जारी किया कि वे अनुचित वेतन कटौती का विरोध करने के लिए अपने ड्यूटी समय का विस्तार न करें। आईसीपीए के महासचिव टी प्रवीण कीर्ति और आईपीजी के महासचिव कण्व हिंगोरानी ने अपने सदस्यों को लिखे पत्र में कहा, ‘हम कोविड-19 के दौरान प्रबंधन द्वारा की जा रही उपेक्षा का सामना काफी धीरज के साथ करते आए हैं और हमने उड़ानों के संचालन को जारी रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन शीर्ष प्रबंधन ने वैश्विक महामारी की आड़ में हमारे खिलाफ भेदभाव करते हुए वेतन कटौती का निर्णय लिया।’
आईसीपीए के महासचिव टी प्रवीण कीर्ति और आईपीजी के महासचिव कण्व हिंगोरानी ने अपने सदस्यों को लिखे पत्र में कहा, ‘हम कोविड-19 के दौरान प्रबंधन द्वारा की जा रही उपेक्षा का सामना काफी धीरज के साथ करते आए हैं और हमने उड़ानों के संचालन को जारी रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन शीर्ष प्रबंधन ने वैश्विक महामारी की आड़ में हमारे खिलाफ भेदभाव करते हुए वेतन कटौती का निर्णय लिया।’