एयर इंडिया: टाटा को ऋण के लिए सहमति

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 9:37 PM IST

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व में ऋणदाताओं का एक संघ घाटे में चल रही विमानन कंपनी एयर इंडिया के सुचारू परिचालन के लिए टाटा समूह को ऋण प्रदान करने पर सहमत हो गया है।टाटा समूह ने पिछले साल अक्टूबर में एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ एयर इंडिया और एआईएसएटीएस में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए बोली जीती थी। समूह आज विमानन कंपनी का औपचारिक रूप से अधिग्रहण कर सकता है।
 सूत्रों ने बताया कि एसबीआई के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम एयर इंडिया की आवश्यकताओं के अनुसार निश्चित अवधि और कार्यशील पूंजी ऋण, दोनों देने पर सहमत हो गया है।  सूत्रों के अनुसार पंजाब नैशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित सभी बड़े ऋणदाता कंसोर्टियम का हिस्सा हैं।    टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की सहायक कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड ने 8 अक्टूबर, 2021 को कर्ज में डूबी एयर इंडिया के अधिग्रहण की 18,000 करोड़ रुपये में बोली जीत ली थी।
एयर इंडिया के मौजूदा कर्ज के लिए 15,300 करोड़ रुपये और नकद रूप में सरकार को 2,700 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था। 11 अक्टूबर, 2021 को टाटा समूह को एक आशय पत्र (एलओआई) जारी किया गया था, जिसमें इस विमान कंपनी में अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की सरकार की इच्छा की पुष्टि की गई थी। 25 अक्टूबर को केंद्र ने इस सौदे के लिए शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। सूत्रों ने कहा कि टैलेस को इस सावधि ऋण से एयर इंडिया की अधिक लागत वाली उधारी से छूटकारा हासिल करने में मदद मिलेगी।
सरकार के साथ हुए इस सौदे में जमीन और इमारतें शामिल नहीं हैं। समझौते के अनुसार टाटा समूह एयर इंडिया के सभी कर्मचारियों को कम से कम एक साल के लिए अपने पास रखेगा। इस अधिग्रहण से टाटा समूह की पहुंच बड़े और छोटे आकार के 117 विमानों तथा एयर इंडिया एक्सप्रेस के 24 छोटे विमानों के बेड़े तक हो जाएगी।

First Published : January 27, 2022 | 11:17 PM IST