गौतम अदाणी के स्वामित्व वाले अडानी ग्रुप ने मीडिया कंपनी एनडीटीवी में 29 प्रतिशत हिस्सेदारी को खरीद लिया है। हालांकि इस अधिग्रहण को लेकर कई सारे कानूनी दांव पेंच में फंसे हुए है।
एक तरफ अदाणी 29 प्रतिशत की हिस्सेदारी के बाद 26 प्रतिशत और हिस्सेदारी के लिए ओपन ऑफर ले आया है। तो वहीं NDTV प्रबंधन ने अदाणी समूह के इस कदम को लेकर कहा है कि उसे इस डील के बारे में कुछ भी पता नहीं था।
वहीं इस मामले में अब नया ट्विस्ट भी आ गया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, गुरुवार को एनडीटीवी ने अडानी समूह के हिस्सेदारी खरीदने के इस प्रयास को को सेबी के नियमों का हवाला देते हुए गलत बताया।
एनडीटीवी ने 2020 के सेबी के उस ऑर्डर का हवाला दिया है जिसमें सेबी ने 26 नवंबर 2022 तक प्रणॉय और राधिका रॉय को भारतीय शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग करने से रोक दिया है। इसका मतलब ये हुआ कि कंपनी इस अवधि में किसी भी तरह की ट्रेडिंग नहीं कर सकती यानि की सेबी के इस आदेश के मुताबिक एनडीटीवी पर बाजार में शेयर खरीदने या बेचने पर रोक लगी है। तो ऐसे में अदाणी समूह का हिस्सेदारी खरीदना सही नहीं है।
NDTV की इस दलील को अदाणी समूह ने नकार दिया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक शुक्रवार को अदाणी समूह ने कहा है कि एनडीटीवी को इस डील के लिए सेबी की अनुमति की जरूरत नहीं है।