सीमेंट विनिर्माता एसीसी ने सोमवार को जुलाई-सितंबर की अवधि के लिए 87.35 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया, जिसे ईंधन और बिजली के अधिक व्यय से झटका लगा है। कंपनी ने एक साल पहले समान अवधि में 450 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया था। इस तिमाही में शुद्ध बिक्री सात प्रतिशत बढ़कर 3,910 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 3,653 करोड़ रुपये थी।
यह शुद्ध घाटा इस अवधि के लिए ब्लूमबर्ग द्वारा जताए 220 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ के अनुमान से काफी दूर रहा। अदाणी समूह द्वारा एसीसी और अंबुजा सीमेंट्स का अधिग्रहण कर लिए जाने से भी इस पर असर पड़ा है। ब्लूमबर्ग के पूर्वानुमान में इस समीक्षाधीन तिमाही के दौरान 4,164 करोड़ रुपये की शुद्ध बिक्री का अनुमान लगाया गया था।
16 सितंबर को अदाणी समूह ने घोषणा की थी कि उसने 6.4 अरब डॉलर में एसीसी और अंबुजा सीमेंट्स का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जिससे वह अल्ट्राटेक के बाद देश में दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट निर्माता बन गया है। इसी दिन एसीसी ने होल्सिम टेक्नोलॉजी के साथ अपना रॉयल्टी और तकनीकी समझौता भी खत्म कर दिया था, जो शुद्ध बिक्री का एक प्रतिशत था। बीएस रिसर्च ब्यूरो के आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी ने अपने लेखा वर्ष कैलेंडर वर्ष 2021 में बतौर रॉयल्टी और तकनीकी शुल्क 264 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।
एसीसी ने सोमवार को कहा कि कंपनी अब अप्रैल से मार्च की अवधि को लेखा वर्ष मानेगी। चालू वित्त वर्ष को 31 दिसंबर, 2022 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2023 कर दिया गया है। कंपनी ने कहा कि स्वामित्व में परिवर्तन के बाद कंपनी ने प्रमुख कर्मचारियों का चयन करने के लिए 16 करोड़ रुपये के विशेष प्रोत्साहन का भी भुगतान किया है।