facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

ट्रंप की टैरिफ नीतियों से बढ़ी अनिश्चितता, सोने की कीमतों में तेजी

Advertisement

सोना 2,914.98 डॉलर प्रति आउंस पर पहुंचा, केंद्रीय बैंकों की खरीद और फेड बैठक पर बाजार की नजर

Last Updated- February 18, 2025 | 10:04 PM IST

सोने की कीमतों में मंगलवार को लगातार दूसरे सत्र में वृद्धि दर्ज हुई। लेकिन यह सर्वकालिक उच्च स्तर से नीचे कारोबार कर रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की शुल्क योजनाओं को लेकर अनिश्चितता ने आर्थिक वृद्धि की चिंताएं बढ़ा दी हैं जिससे सुरक्षित निवेश के रूप में सोने में रकम डाली जा रही है।

दिन में हाजिर सोना 0.6 फीसदी बढ़कर 2,914.98 डॉलर प्रति आउंस हो गया। पिछले सप्ताह उसने 2,942.70 डॉलर का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था। अमेरिकी सोना वायदा 1 फीसदी बढ़कर 2,928.80 डॉलर पर पहुंच गया।
ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ट्रेडयू में एक वरिष्ठ वित्तीय राइटर ने कहा कि ट्रंप 2.0 के कार्यकाल में वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापक भूराजनीतिक परिदृश्य में अनिश्चितता के कारण सोना जोखिम मुक्त निवेश और केंद्रीय बैंकों की खरीद का स्वाभाविक लाभार्थी बना रहेगा।

पिछले महीने पदभार ग्रहण करने के बाद से ट्रंप ने टैरिफ पर कई कदम उठाते हुए वैश्विक व्यापार के मैदान को तेजी से बदल दिया है जबकि व्यापक जवाबी टैरिफ के लिए योजनाओं पर पहले से ही काम चल रहा है। इन योजनाओं के निशाने पर वे सभी देश हैं जो अमेरिकी उत्पादों पर कर लगाते हैं।

कॉमर्जबैंक के विश्लेषकों ने एक नोट में कहा कि अमेरिकी सरकार की टैरिफ नीति के इर्द-गिर्द अनिश्चितता का लाभ सोने को मिल रहा है। केंद्रीय बैंक की खरीदारी से भी इसे समर्थन मिलना जारी रहेगा, भले ही इस पर कोई नया आंकड़ा न आए। बाजार का ध्यान अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जनवरी बैठक के विवरण पर केंद्रित हो गया है जो बुधवार को जारी होगा। इससे केंद्रीय बैंक की ब्याज दर की दिशा का संकेत मिलेगा।

Advertisement
First Published - February 18, 2025 | 10:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement