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स्टील उद्योग का मिजाज सख्त

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Last Updated- December 05, 2022 | 8:42 PM IST

सरकार की कीमत कम करने को अनुरोध को ठुकराते हुए देश की शीर्ष इस्पात निर्माता कंपनियों ने बुधवार को इस्पात की कीमत में बढ़ोतरी कर दी है।


ताजा निर्णय में कंपनियों ने कहा है कि वह स्टील के आधार मूल्य में कोई परिवर्तन नहीं करेगी बल्कि इस पर रॉ मैटिरियल सरचार्ज लगाएगी। जे.एस.डब्ल्यू. स्टील के वित्त निदेशक शेषागिरी राव के मुताबिक कंपनियों ने तत्काल प्रभाव से लागू हो रहे इस कदम में फैसला किया है कि हॉट रोल्ड कॉयल पर 5000 रुपये प्रति टन के हिसाब से सरचार्ज लगाया जाएगा। उनके अनुसार, यह कदम कच्चे माल की कीमत बढ़ने के कारण लिया गया है।


राव के मुताबिक अब इससे कच्चे माल की बढ़ी हुई कीमत का बोझ इस्पात कंपनियों की बजाय इसके उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इस्पात की कीमत में बढ़ोतरी का यह निर्णय जे.एस.डब्ल्यू. के साथ-साथ एस्सार और टाटा ने भी लिया है। पर दिलचस्प बात यह है कि सरकारी इस्पात कंपनी सेल ने सरचार्ज लगाने से इंकार कर दिया है।


कीमत बढाने केअपने फैसले को सही ठहराते हुए इस्पात उद्योग ने कहा है कि कच्चे लोहे और कोकिंग कोल की कीमतें बढ़ने के बाद उन पर काफी दबाव था, लिहाजा स्टील पर सरचार्ज लगाने का निर्णय लिया गया है। पर उद्योग जगत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि कच्ची सामग्रियों की कीमत में कमी आती है तो यह सरचार्ज वापस ले लिया जाएगा या इसे घटा दिया जाएगा।


मालूम हो कि हॉट रोल्ड कॉयल का इस्तेमाल पाइप के साथ कई औद्योगिक और निर्माण कार्यों के लिए किया जाता है। यह टैंक, रेल, कार, साइकिल, जहाज, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और सैनिक उपकरणों को बनाने में किया जाता है। अभी 1 अप्रैल से कोकिंग कोल का ठेका मूल्य 98 डॉलर से बढ़कर 300 डॉलर प्रति टन हो गया है।


वहीं लौह अयस्क के भाव बढ़कर 52 डॉलर प्रति टन से 86 डॉलर प्रति टन हो गए हैं। स्क्रैप की कीमत भी 450-475 डॉलर से बढ़कर 550-575 डॉलर प्रति टन हो गया है। इन सबका असर इस्पात के उत्पादन लागत पर पड़ा है जिससे इसकी कीमत में प्रति टन 300-350 डॉलर की बढ़ोतरी हो चुकी है।


अभी पिछले ही दिनों इस्पात सचिव आर.एस.पांडे के साथ हुई बैठक में इस्पात कंपनियों ने  इसके बड़े उत्पादों पर 2000 रुपये प्रति टन कटौती की घोषणा की थी। हालांकि तब हॉट रोल्ड कॉयल की कीमत में कोई परिवर्तन नहीं किया गया था।पांडे ने तब कहा था कि महज साल भर में ही हॉट रोल्ड कॉयल की कीमत 5000 से 7500 रुपये प्रति टन से बढ़कर 12000 से 15000 रुपये पति टन हो गयी है।


महंगाई दर को नियंत्रित करने के सरकारी उपायों के बीच थोक मूल्य सूचकांक में 3.64 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले स्टील की कीमत में वृद्धि होना काफी महत्वपूर्ण है। स्टील निर्माताओं ने सरकार को सुझाव दिया है कि इस्पात की कीमत पर अंकुश लगाने के लिए उत्पाद कर को घटाकर 14 से 8 फीसदी कर दिया जाए।

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First Published - April 10, 2008 | 12:50 AM IST

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