facebookmetapixel
Advertisement
Stock Market Today: बाजार में आज उतार-चढ़ाव के संकेत, GIFT Nifty कमजोर; ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर के करीबCrude Oil Price: कच्चे तेल में बड़ी गिरावट के बाद आज कैसी है चाल? ब्रेंट 87 डॉलर के नीचेUS में H-1B वीजा का खेल बदला! भारतीय IT कंपनियों ने नए आवेदन से बनाई दूरी, 38.5% गिर गए रजिस्ट्रेशनअनलिमिटेड डेटा का दौर होगा खत्म? ज्यादा डेटा के लिए ज्यादा चार्ज क्यों चाहती हैं टेलीकॉम कंपनियांStocks to Watch Today: SBI से L&T तक, इन 10 शेयरों में आज दिख सकता है बड़ा एक्शनचंद्रशेखरन के बाद टीसीएस के सामने नेतृत्व की नई चुनौती, टाटा समूह के साथ तालमेल पर भी नजरउदारीकरण के 35 साल: ‘एशिया के डेट्रॉइट’ से चेन्नई ने कैसे तय किया दुनिया के ऑटो हब तक का सफरअटकी चंद्रशेखरन के वारिस की तलाश, उत्तराधिकारी चुनने वाली चयन समिति गठित करने में लगेगा वक्त; AGM पर भी संशयभारत के एयर मोबिलिटी बाजार में उतरने की तैयारी, 2029 से ईवीटीओएल उड़ाने की स्काईड्राइव की योजनाMMDR विधेयक पर कुछ राज्यों को एतराज, खनन मंत्री बोले- प्रमुख खनिजों तक सीमित रहेंगे प्रावधान

महाराष्ट्र में एक नवंबर से शुरू होगा गन्ना पेराई सीजन

Advertisement

महाराष्ट्र सरकार ने 2023-24 के गन्ना पेराई सत्र में गुड़, राब (molasses) के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, जो राज्य सरकार के लिए राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

Last Updated- October 20, 2023 | 7:02 PM IST
sugarcane

महाराष्ट्र में गन्ना पेराई सीजन जल्द शुरु करने की मांग पर गौर करते हुए राज्य सरकार ने गन्ना पेराई सीजन एक नवंबर से शुरु करने की मंजूरी दे दी। निर्णय गन्ना पेराई समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बार राज्य में 89 लाख मीट्रिक टन चीनी उत्पादन का अनुमान व्यक्त किया गया है ।

निर्धारित की गई तिथि से पहले चीनी मिलों को पेराई शुरु नहीं करने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस साल का गन्ना पेराई का सीजन 1 नवंबर से शुरू करने की मंजूरी दे दी। इस वर्ष कुल गन्ना क्षेत्र का 14.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्र पेराई के लिए उपलब्ध होगा और 88.58 लाख मीट्रिक टन चीनी उत्पादन का अनुमान है। इस वर्ष गन्ने का क्षेत्रफल पिछले वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत कम हुआ है।

महाराष्ट्र शक्कर आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार ने बताया कि पिछले वर्ष राज्य में 211 चीनी मिलों में गन्ना पेराई की गई और 105 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन हुआ। हालांकि इस साल गन्ने का रकबा घटने से चीनी उत्पादन 88.58 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान इस अवसर पर व्यक्त किया गया। सीजन 2022-23 में चीनी उत्पादन के मामले में महाराष्ट्र देश में पहले स्थान पर है और उसके बाद उत्तर प्रदेश का नंबर है।

गन्ना श्रमिकों व उनके परिजनों, बच्चों की शिक्षा के लिए विभिन्न योजनाओं के लाभ के लिए चीनी मिलों से प्रति टन 10 रुपये एकत्र कर यह राशि जन नेता गोपीनाथ मुंडे गन्ना श्रमिक कल्याण महामंडल को देने का निर्णय इस दौरान लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राशि से श्रमिकों के बेटे-बेटियों के लिए स्कूल, छात्रावास के साथ श्रमिकों के कल्याण की योजनाओं पर प्रभावी अमल में किया जाए।

गन्ना कटाई पेराई सत्र को लेकर मंत्री समिति की बैठक में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, सहकारिता मंत्री दिलीप वलसे पाटिल, विधायक प्रकाश सोलंके, पूर्व विधायक हर्षवर्धन पाटिल, प्रकाश आवाडे और मुख्य सचिव मनोज सौनिक उपस्थित थे।

गुड़ के निर्यात पर प्रतिबंध लगाएगी महाराष्ट्र सरकार

महाराष्ट्र सरकार ने 2023-24 के गन्ना पेराई सत्र में गुड़, राब (molasses) के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, जो राज्य सरकार के लिए राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। कम बारिश के चलते इस पेराई सीजन में राज्य को गन्ना उत्पादन में 15 फीसदी की गिरावट की आशंका है। चीनी आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार ने कहा, 2023-24 का पेराई सत्र (अक्टूबर-सितंबर) एक नवंबर से शुरू होगा। गुड़ उत्पादन इकाइयों को भी नियमन के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है।

चीनी विनिर्माण के उप-उत्पाद molasses का उपयोग एथेनॉल के उत्पादन के लिए भी किया जाता है, जो देश के एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के लिए आवश्यक है, ऐसे समय में जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।

चीनी उद्योग को गन्ना नियंत्रण आदेश द्वारा नियंत्रित किया जाता है, और चीनी मौसम शुरू होने की आधिकारिक तारीख से पहले कोई भी मिल चीनी उत्पादन शुरू नहीं कर सकती है।

Advertisement
First Published - October 20, 2023 | 6:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement