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मसालों के वायदा बाजार में नरमी

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Last Updated- December 07, 2022 | 7:03 AM IST

आवक के लगातार बने रहने और हाजिर भाव के कम रहने की वजहों से वायदा बाजार में सोमवार को हल्दी छोड़कर सभी मसालों की कीमतों में नरमी का रुख रहा।


अंतरराष्ट्र्रीय बाजार में काली मिर्च के भाव में थोड़ी गिरावट हुई जबकि इसका निर्यात भी कुछ कारणों से कम रहा है। इसके चलते काली मिर्च की कीमत घरेलू बाजार में गिरी है।

नैशनल कमोडिटी ऐंड डैरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) में इसके जुलाई अनुबंध में 1 फीसदी  की कमी हुई और यह गिरकर 14,052 रुपये प्रति क्विंटल तक रह गया। कार्वी कॉमट्रेड के जी. हरीश ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय काली मिर्च का भाव दूसरी किस्मों की तुलना में लगभग 100 डॉलर ज्यादा है। इसके चलते काली मिर्च का निर्यात और इसकी कीमतें दोनों ही प्रभावित हुई हैं।

मिर्च की कीमतों में अच्छी आवक के चलते कमी हुई है। बाजार सूत्रों के मुताबिक, मिर्च की लगभग 50 हजार बोरियों की आवक बढ़ गयी है। हरीश ने बताया कि हाजिर बाजार में भी मिर्च के मूल्य में कमी आयी है। अगस्त के अनुबंध में 1.54 फीसदी की कमी आयी। एनसीईडीएक्स में इसके भाव कम होकर 5,435 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।

वहीं जीरे की कीमत आवक के लगातार बने रहने और हाजिर भाव में कमी होने से 100 रुपये गिरकर बंद हुए। हरीश ने बताया कि जुलाई अनुबंध के सौदे में 1.5 फीसदी की कमी हुई। इसके भाव 11,760 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए। पर हल्दी का रुख कुछ और ही रहा और इसके भाव में तेजी देखी गयी।

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First Published - June 23, 2008 | 11:06 PM IST

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