facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

रिजर्व बैंक के रघुराम राजन ने रुपये में गिरावट के लिए डॉलर की मजबूती को ठहराया जिम्मेदार

Advertisement

आरबीआई के हस्तक्षेप से निर्यात को हो सकता है नुकसान, रोजगार सृजन और घरेलू उपभोग पर ध्यान देने की अपील

Last Updated- January 23, 2025 | 10:37 PM IST
India needs to focus more on manufacturing, job creation: Raghuram Rajan भारत को विनिर्माण, रोजगार सृजन पर अधिक ध्यान देने की जरूरतः रघुराम राजन

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने रुपये में गिरावट के लिए पूरी तरह से अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इसमें आरबीआई का कोई भी हस्तक्षेप भारतीय निर्यात को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने साथ ही नीति निर्माताओं से अधिक नौकरियों के सृजन और घरेलू उपभोग को बढ़ावा देने पर ध्यान देने का आग्रह किया।

अमेरिकी डॉलर में वृद्धि और अन्य मुद्राओं खासकर रुपये सहित उभरते बाजारों पर इसके प्रभाव के बारे में राजन ने कहा कि डॉलर अन्य मुद्राओं की तुलना में मजबूत हो रहा है, जिसकी आंशिक वजह ट्रंप के संभावित शुल्क की घोषणा है।

भारतीय मुद्रा कोष के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री ने कहा, ‘यदि वह शुल्क लगाते हैं, तो इससे अन्य देशों से अमेरिका का आयात कम हो जाएगा तथा चालू खाता घाटा और व्यापार घाटा कम हो जाएगा। इस दृष्टिकोण से अमेरिका को कम आयात करना होगा और इसलिए डॉलर मजबूत होगा क्योंकि बाकी दुनिया में डॉलर कम होगा। तो, इसकी प्रत्यक्ष वजह यही है।’

Advertisement
First Published - January 23, 2025 | 10:37 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement