facebookmetapixel
दुनिया भर में बढ़ रही भारतीय दवाओं की मांग, नाइजीरिया और ब्राजील बने नए बड़े ठिकानेMarket Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार की चाल तय करेंगे Q3 नतीजे और ग्लोबल संकेतMCap: मार्केट में SBI और Infosys का जलवा, Reliance समेत कई कंपनियों की वैल्यू में गिरावटनेविल टाटा की सर रतन टाटा ट्रस्ट में नियुक्ति की कोशिश फिर फेल, बोर्ड मीटिंग क्वोरम पूरा न होने से रद्दत्योहारी रफ्तार से दौड़ा ऑटो सेक्टर, Q3FY26 में कमाई के नए रिकॉर्ड के संकेतFPIs का बिकवाली दौर जारी, जनवरी में निकाले ₹22,530 करोड़DGCA ने IndiGo पर लगाया ₹22.2 करोड़ का जुर्माना, दिसंबर में हुई उड़ान बाधाओं को बताया जिम्मेदारDelhi Air Pollution: दिल्ली की हवा अब ‘सर्जिकल मास्क’ वाली! AQI 500 के करीब; GRAP IV लागूTrump Tariffs: ग्रीनलैंड पर ट्रंप का अल्टीमेटम, डेनमार्क को टैरिफ की खुली धमकीWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड का डबल अटैक; घना कोहरा, बारिश और बर्फबारी का अलर्ट

निर्यात बाजार सहायता योजना का पुनरारंभ चाहता है जूट उद्योग

Last Updated- December 08, 2022 | 9:01 AM IST

निरंतर हड़तालों और आर्थिक संकट की मार पड़ने के बाद जूट उद्योग चाहता है कि निर्यात बाजार सहायता योजना का पुनरारंभ हो, जो वर्ष 2007 में केंद्रीय वस्त्रोद्योग मंत्रालय द्वारा बंद कर दी गयी थी।
भारतीय जूट मिल एसोसिएशन ने भारत से निर्यात होने वाले जूट उत्पादों में गिरावट आने की आशंक जताई है। भारतीय जूट मिल एसोसिएशन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पिछले पांच वर्षों के दौरान जूट का औसतन वार्षिक निर्यात करीबन 1000 करोड़ रुपये रहा।
भारतीय जूट मिल एसोसिएशन के संजय कजारिया ने बताया, "बांग्लादेश सरकार द्वारा मिलने वाले बड़ी मात्रा में छूट के चलते बांग्लादेश जूट उद्योग ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत को पीछे छोड़ दिया है।"

First Published - December 13, 2008 | 2:02 PM IST

संबंधित पोस्ट