सोमवार को आयातकों की ओर से डॉलर की मांग और आईसीआईसीआई ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी से जुड़े पैसे बाहर जाने की वजह से रुपये की छह दिन से जारी बढ़त का सिलसिला टूट गया। बाजार कारोबारियों ने कहा कि आईसीआईसीआई ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी के आईपीओ के लिए लॉक-इन अवधि खत्म होने के बाद पैसे बाहर जाने से जुड़ी डॉलर मांग का असर दिन भर रुपये पर दिखा।
दिन के कारोबार में रुपया गिरकर 94.75 प्रति डॉलर के निचले स्तर पर आ गया जबकि कच्चे तेल की कीमतें हाल के ऊंचे स्तरों से नीचे बनी रहीं और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत में प्रगति की उम्मीदों से वैश्विक जोखिम धारणा में सुधार हुआ। बाजार के जानकारों का कहना है कि आयातकों ने निचले स्तरों पर डॉलर की खरीदारी बढ़ाई, जबकि निर्यातक आक्रामक रूप से डॉलर बेचने को लेकर सतर्क रहे।
रुपया 94.68 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि पिछला बंद भाव 94.33 प्रति डॉलर था। डॉलर इंडेक्स बढ़कर लगभग 101 पर पहुंच गया, जबकि यूरो और जापानी येन डॉलर के मुकाबले कमजोर हो गए। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल
कुमार भंसाली ने कहा, ‘आईसीआईसीआई एएमसी से फंड बाहर जाने की वजह से भारतीय रुपया गिरकर 94.75 प्रति डॉलर के निचले स्तर पर आ गया। डॉलर इंडेक्स 101 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि यूरो, जीबीपी और जेपीवाई सभी डॉलर के मुकाबले गिर गए और निचले स्तर पर बने रहे।’