कोरोना के बाद ग्राहकों के बीच जागे विश्वास और उत्साह के बल पर इस बार धनतेरस के दिन जौहरियों के यहां जमकर धन वर्षा हुई। सुबह से ही आभूषणों के शोरूम और दुकानों में ग्राहकों की भीड़ उमडऩी शुरू हो गई। खरीदारी से उत्साहित सराफा कारोबारियों का दावा है कि इस बार सोने की बिक्री के सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे। हालांकि प्रतिफल के लिहाज से इस बार सोना फायदे का सौदा साबित नहीं हो सका।
मुंबई, दिल्ली सहित देश भर में जौहरियों की दुकानों में ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। धनतेरस पर सराफा बाजार में बरसों बाद इस तरह का उत्साह देखा गया। मुंबई इब्जा के अध्यक्ष कुमार जैन ने बताया कि लोग 12 महीने में जितना सोना खरीदते हैं, उसका 40 फीसदी धनतेरस पर खरीद लेंगे यानी इस धनतेरस के शुभ दिन पर सिर्फ मुंबई और आसपास के शहरों में ही सोने की बिक्री करीब 700 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। हमारा अनुमान है कि धनतेरस के दिन सोने की खरीदारी से दशहरे पर की गई 400 करोड़ रुपये की खरीदारी का रिकॉर्ड भी टूट जाएगा। जैन के मुताबिक अग्रिम बुकिंग भी बड़ी संख्या में की गई है। लोगों के पास पैसा है। शादियों का सीजन भी शुरू हो गया है इसलिए लोगों ने अग्रिम बुकिंग काफी की थी जिस कारण धनतेरस पर दुकानों में भीड़ पिछले कई सालों की अपेक्षा ज्यादा है।
संगम चेन के मालिक रमन सोलंकी धनतेरस पर ग्राहकों की संख्या देखकर कहते हैं कि अब लोगों का विश्वास जाग गया है। पूरे उत्साह के साथ लोग खरीदारी कर रहे हैं। पिछले साल दुकानें बंद थीं इसलिए ज्यादातर कारोबार ऑनलाइन हुआ था, जो बहुत कम था लेकिन वर्ष 2019 में कारोबार अच्छा था। इस बार वर्ष 2019 से भी ज्यादा बिक्री है। सोलंकी कहते हैं कि आज रात 12 बजे तक दुकानें खुली रहेंगी क्योंकि मुहूर्त है और लोग खरीदारी करने के लिए आ रहे हैं। इस आधार पर कह सकते हैं कि वर्ष 2019 की तुलना में इस बार बिक्री 30 फीसदी अधिक होगी।
मुंबई की तरह दिल्ली सराफा बाजार में भी ग्राहकों में भारी उत्साह है। दिल्ली के कारोबारियों को उम्मीद है कि इस बार धनतेरस पर वह 1,000 करोड़ रुपये तक का कारोबार कर सकते हैं। दिल्ली बुलियन ऐंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का कहना है कि इस समय बाजार में जबरदस्त उत्साह हैं। सुबह से ही ग्राहकों का आना शुरू हो गया है। इससे पहले थोक विक्रेताओं के यहां जोरदार बिक्री हुई है। गोयल का कहना है कि थोक विक्रेताओं की तो बिक्री पहले ही हो गई है। खुदरा विक्रेताओं ने सोमवार को आधी रात तक तैयारी की है ताकि धनतेरस के दिन बिक्री ठीक से हो। उनका कहना है कि दीवाली के अवसर पर सिर्फ दिल्ली में ही कई हजार करोड़ रुपये का सोने-चांदी का कारोबार होता है।
घरेलू बाजार में पिछले साल की अपेक्षा सोने के दाम छह फीसदी कम हैं। मुंबई में धनतेरस के दिन सोना 47,644 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 64,208 रुपये प्रति किलोग्राम बिकी, जबकि पिछले साल सोना 50,645 रुपये और चांदी 62,700 रुपये की दर पर बिकी थी। लोगों ने अशरफी के साथ-साथ हर तरह के (हल्के एवं भारी) आभूषणों की खरीदारी भी की, जबकि चांदी के लक्ष्मी-गणेश, चांदी के सिक्के, मूर्ति, बर्तन आदि की भी खरीदारी की जा रही है। कुछ शौकीन ग्राहक चांदी के घोड़े-हाथी या कुछ अन्य सामान की भी खरीदारी कर रह हैं।
जौहरियों का कहना है कि वैसे तो हर तरह के आभूषण बिक रहे हैं लेकिन सोने के आभूषणों में भी 10 ग्राम से कम वजन वाले आभूषणों की ज्यादा मांग है। इस साल सोना भले ही घाटे का सौदा साबित हुआ, लेकिन अगले साल फायदे का सौदा साबित होगा। मोतीलाल ओसवास फाइनैंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट में कहा गया कि अगर हम वर्ष 2019 और 2020 पर नजर डालें तो सोने की कीमतों में अच्छी उछाल देखी गई है, जो क्रमश: 52 फीसदी और 25 फीसदी के करीब रही है। हालांकि हमने वर्ष 2021 में कुछ गिरावट भी देखी, जहां कीमतें 47,000 रुपये से 49,000 रुपये के बीच कारोबार कर रही हैं। पिछले साल की दीवाली के विपरीत इस साल प्रतिबंधों में काफी ढील है, दुकानें खुली हैं और इस साल कुल मांग में भी वृद्धि हुई है जिसे आयात के आंकड़ों में देखा जा सकता है, जो सितंबर तक 740 टन रहा है।