facebookmetapixel
Advertisement
शेयर बाजार की तरह फिल्मों में लगेगा पैसा! ₹22,000 करोड़ के सिनेमा बिजनेस में नए फंड्स की होगी एंट्रीदवाओं का आयात होगा आसान! सरकार बदलेगी 1945 का पुराना नियम, टेस्टिंग नियमों में ढील देने की तैयारीभारत में ‘मक्का क्रांति’ बहुत फायदेमंद, धान की जगह मक्के की खेती से पर्यावरण भी बचेगा व मुनाफा भी बढ़ेगाबॉन्ड मार्केट में फंड मैनेजर्स के अलग-अलग दांव: गिल्ट और डायनेमिक फंड्स में ड्यूरेशन को लेकर छिड़ी जंगरिकॉर्ड FII निकासी और ईरान संकट ने बढ़ाई टेंशन, चालू खाते का घाटा बढ़ने से रुपये पर भारी दबावEditorial: मॉनसून की सुस्त चाल ने बढ़ाई टेंशन, खेती और अर्थव्यवस्था पर मंडराया खतराअयोध्या राम मंदिर दान घोटाला: चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा, UP पुलिस ने 8 लोगों को किया गिरफ्तारAI पर दुनिया का महा-समझौता: भारत समेत 35 देशों ने मिलाया हाथ, अमेरिका की बड़ी पहल को मिला साथ‘विकसित भारत 2047 के लिए जिम्मेदारी से AI अपनाना जरूरी’, ICAI के मंच से PM मोदी का संदेशबंगाल सरकार का बड़ा फैसला: खत्म होगा शहरी भूमि सीमा अधिनियम, बड़े निवेश का रास्ता साफ

सोना लुढ़का

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 7:14 PM IST

औद्योगिक इकाइयों और आभूषण निर्माताओं की मांग के चलते पांच अप्रैल को समाप्त सप्ताह के दौरान दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में उछाल आया जबकि सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।


वैश्विक बाजार में चांदी के भाव 17.75 डॉलर प्रति आउंस तक चढ़ने की खबरों के बीच चांदी सिक्का निर्माताओं और औधोगिक इकाइयों की मांग बढ़ने से चांदी की कीमतों में उछाल आया। घरेलू बाजार में चांदी तैयार और साप्ताहिक डिलिवरी के भाव शुरू में क्रमश: 23500 रुपयेऔर 23110 रुपये प्रति किलो मजबूत खुले। बाद में वैश्विक मंदी
और स्टाकिस्टों की बिकवाली के चलते सप्ताह के मध्य में इसके भाव 1400 रुपये प्रति किलो नीचे चले गए।  


खाद्य तेल गिरे


सरकार द्वारा खाद्य तेलों के आयात शुल्क में कटौती किए जाने से पांच अप्रैल को समाप्त सप्ताह के दौरान दिल्ली तेल तिलहन थोक बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज हुई।


बाजार सूत्रों के अनुसार बाजार में अफवाह थी कि बढ़ती मुद्रास्फीति दर को नियंत्रण में करने के लिए सरकार खाद्य तेलों के वायदा कारोबार को बंद कर सकती है। इससे कारोबारी धारणा कमजोर हुई।


 सूत्रों ने बताया कि स्टॉकिस्टों द्वारा बिकवाली और लिवाली कमजोर पड़ने से कीमतों में भारी गिरावट दर्ज हुई। प्रमुख खाद्य तेल जिन में भारी गिरावट आई उसमें तिल मिल डिलिवरी तेल के भाव चौतरफा बिकवाली के चलते 8700 रुपये से लुढ़ककर सप्ताहांत में 7500 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।
 
दालों में उछाल


गुजरात और महाराष्ट्र से सीमित आपूर्ति के बीच फुटकर मांग के चलते पांच अप्रैल को समाप्त सप्ताह के दौरान दिल्ली दलहन और दाल बाजार में तेजी का रुख रहा। उड़द दाल छिलका स्थानीय और सर्वोतम क्वॉलिटी के भाव क्रमश: 2975-3250 रुपये और 3150-3600 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।  
 
चावल में तेजी


सीमित आपूर्ति के बीच स्टॉकिस्टों और फुटकर कारोबारियों की भारी लिवाली के चलते पांच अप्रैल को समाप्त सप्ताह के दौरान दिल्ली थोक अनाज बाजार में गेहूं और चावल कीमतों में उछाल आया।


सरकार द्वारा गेहूं के आयात के निर्णय को स्थगित किए जाने की खबरों के चलते स्टॉकिस्टों और फुटकर कारोबारियों की भारी खरीदारी से गेहूं और चावल की कीमतों में तेजी आई। गैर बासमती चावल, कच्चा परमल और परमल वेन्ड के भाव स्टॉकिस्टों की भारी लिवाली के चलते क्रमश: 1500-1600 रुपये और 1700-1775 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।  
 
चीनी कमजोर


ताजा आवक के बीच फुटकर और थोक कारोबारियों की मांग कमजोर पड़ने से पांच अप्रैल को समाप्त सप्ताह के दौरान थोक बाजार में चीनी की कीमतों में गिरावट आई और भाव साधारण हानि के साथ बंद हुए। ताजा आवक के बीच खराब मौसम के कारण शीतल पेय और आईसक्रीम निर्माताओं की मांग में कमी आने से चीनी की कीमतों में गिरावट आई।  

Advertisement
First Published - April 7, 2008 | 1:42 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement