facebookmetapixel
Advertisement
RCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुखसंघर्ष बढ़ने के भय से कच्चे तेल में 4% की उछाल, कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर के पारGold Rate: तेल महंगा होने से सोना 2% फिसला, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोरEditorial: दिवालिया समाधान से CSR और ऑडिट सुधार तक बड़े बदलावसरकारी बैंकों में प्रमोशन के पीछे की कहानी और सुधार की बढ़ती जरूरत​युद्ध और उभरती भू-राजनीतिक दरारें: पश्चिम एशिया संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोर दियापीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; यूपी में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई उड़ान

पश्चिम एशिया तनाव का असर: मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दर की आशंका से टूटा सोना

Advertisement

किटको मेटल्स के वरिष्ठ विश्लेषक जिम विकॉफ ने कहा कि युद्ध को लेकर अनिश्चितता के कारण कीमतों पर दबाव पड़ रहा है, जिससे महंगाई की चिंता और ऊंची ब्याज दरों की आशंका बढ़ रही हैं

Last Updated- March 10, 2026 | 12:40 AM IST
Gold and Silver price today

सोने की कीमतों में सोमवार को करीब 1 फीसदी की गिरावट आई। डॉलर के मजबूत होने और पश्चिम एशियाई संघर्ष से जुड़ी मुद्रास्फीति की चिंताओं और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोने की कीमतों पर दबाव बना। सुबह 9:11 बजे (13.11 जीएमटी) पर हाजिर सोना 1.5 फीसदी गिरकर 5,092.89 डॉलर प्रति औंस पर आ गया था। अप्रैल डिलिवरी के लिए अमेरिकी सोने के वायदा भाव 1.1 फीसदी की गिरावट के साथ 5,101.00 डॉलर पर आ गए।

किटको मेटल्स के वरिष्ठ विश्लेषक जिम विकॉफ ने कहा कि युद्ध को लेकर अनिश्चितता के कारण कीमतों पर दबाव पड़ रहा है, जिससे मुद्रास्फीति की चिंता और ऊंची ब्याज दरों की आशंका बढ़ रही हैं। लेकिन लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष से सुरक्षित निवेश की मांग बनी रहने और सोने की कीमतों को स्थिर रहने की उम्मीद है। सोने को मुद्रास्फीति से बचाव का साधन माना जाता है, लेकिन कम ब्याज दरें शून्य-लाभ वाली संपत्ति के रूप में इसकी अपील को बढ़ाती हैं।

तेल की बढ़ती कीमतों के 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिससे निवेशकों में नकदी जुटाने की होड़ मच गई। निवेशकों को डर था कि पश्चिम एशिया में लंबा युद्ध ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है और वैश्विक वृद्धि को नुकसान पहुंचा सकता है। मजबूत डॉलर, अन्य मुद्राधारकों के लिए डॉलर में बिकने वाले सोने को महंगा बना देता है। इजरायल की सेना ने कहा कि उसने मध्य ईरान के साथ-साथ लेबनान की राजधानी बेरूत पर भी हमला किया। इस युद्ध के कारण होर्मुज का रास्ता प्रभावी रूप से बंद हो गया है, जहां वैश्विक तेल और लिक्विफाइड गैस का पांचवां हिस्सा गुजरता है।

फरवरी का अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बुधवार को जारी होने वाला है जबकि फेडरल रिजर्व का मुद्रास्फीति सूचकांक व्यक्तिगत उपभोग व्यय (पीसीई) शुक्रवार को जारी होगा।

विकॉफ ने कहा, अगर इस सप्ताह मुद्रास्फीति के कुछ चौंकाने वाले आंकड़े आते हैं तो इससे फेडरल रिजर्व एक तरह की दुविधा में पड़ जाएगा और सोने की कीमतों में और गिरावट आ सकती है।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक की अगली नीतिगत बैठक 17-18 मार्च को होने वाली है, जिसमें व्यापक रूप से यह उम्मीद की जा रही है कि ब्याज दरें स्थिर रहेंगी। अन्य धातुओं की बात करें तो हाजिर चांदी 0.3 फीसदी गिरकर 84.08 डॉलर प्रति औंस पर आ गई जबकि प्लैटिनम 0.3 फीसदी बढ़कर 2,141.38 डॉलर पर पहुंच गया और पैलेडियम 0.8 फीसदी बढ़कर 1,638.75 डॉलर पर जा पहुंचा।

Advertisement
First Published - March 10, 2026 | 12:14 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement