facebookmetapixel
Advertisement
अब सिर्फ ‘टैक्स ईयर’, Income Tax Act 2025 से टैक्सपेयर्स के लिए क्या बदल गया?विदेशी सुस्ती के बीच घरेलू पूंजी का दम, Q1 में रियल एस्टेट निवेश 2022 के बाद सबसे ज्यादाईरान जंग के बीच Metal Stocks क्यों बने ब्रोकरेज की पसंद? Vedanta टॉप पिकActive vs Passive Funds: रिटर्न में एक्टिव फंड्स का पलड़ा अब भी भारी, पैसिव फंड्स की बढ़ रही रफ्तारFY26 में बाजार ने किया निराश, निफ्टी -5.1% और सेंसेक्स -7.1%; FY27 में निवेशक कहां लगाएं पैसा?Silver Funds में रिकॉर्ड तेजी के बाद ठहराव: अब आगे क्या करें निवेशक?Auto Sector Boom: शादी सीजन और सस्ता लोन बना गेमचेंजर! TVS, Bajaj, Tata में तेजी के संकेतNew Loan Rules: 1 अप्रैल से बदले लोन से जुड़े नियम, क्या ग्राहकों को मिलेगा सीधा फायदा?Defence Stocks: ₹6.7 लाख करोड़ के डिफेंस बूस्ट के बीच 7 शेयरों पर BUY की सलाहLoan Rules 2026: लोन के नए नियम लागू? क्या बदला, क्या नहीं

Onion Price: लागत से कम कीमत पर बिक रहा प्याज, स्थायी समाधान खोजने के लिए समिति का गठन

Advertisement

एशिया के सबसे बड़े थोक प्याज बाजार लासनगांव में प्याज की औसत कीमत करीब 900 रुपये क्विंटल चल रही है

Last Updated- March 25, 2026 | 7:43 PM IST
onion price
व्यापारी किसानों से प्याज खरीदकर उसे नाफेड या अन्य एजेंसियों को बेच रहे हैं। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है और इसे स्थायी रूप से रोकना आवश्यक है।

Onion Price: प्याज की कम कीमत किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। फसल के लिए जो दाम मिल रहा है, वह उसकी उत्पादन लागत से भी कम है। राज्य में हर साल प्याज का मुद्दा उठता है। सरकार ने प्याज उत्पादक किसानों की मदद करने और प्याज समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए एक समिति का गठन किया है। महाराष्ट्र सरकार ने समिति को निर्देश दिया है कि दीर्घकालिक समाधान निर्धारित करके अगले दो-तीन महीनों में लागू करें।

प्याज समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए राज्य सरकार ने एक समिति गठित करने का निर्देश दिया है। इसमें कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और विपणन विभाग के सचिव को शामिल किया जाएगा। समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिया है कि यह समिति किसानों को तत्काल उपाय सुझाए और संबंधित एजेंसियां प्याज की समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक विकल्प लागू करें।

लागत से कम कीमत पर बिक रहा प्याज

एशिया के सबसे बड़े थोक प्याज बाजार लासनगांव में प्याज की औसत कीमत करीब 900 रुपये क्विंटल चल रही है। चालू महीने में औसत दाम 952 रुपये जबकि पिछले महीने 1,124 रुपये की प्रति क्विंटल थी। पिछले साल मार्च महीने की औसत कीमत 1,830 रुपये प्रति क्विंटल बोली गई थी। इस तरह पिछले एक महीने में प्याज की कीमत करीब 15 फीसदी जबकि साल भर में लगभग 50 फीसदी गिर गयी है। 

Also Read: LPG बुकिंग नियमों पर फैली अफवाहों पर सरकार की सफाई, 25 और 45 दिन की समय सीमा में कोई बदलाव नहीं

₹1,500 प्रति क्विंटल का अनुदान दे सरकार

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले के मुताबिक, प्याज उत्पादन की लागत लगभग 1,800 रुपये प्रति क्विंटल है, और अगर किसानों को इससे कम कीमत मिलती है, तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। किसान अपनी उपज को उत्पादन लागत से भी कम दाम पर बेच रहे हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। इसलिए, हम चाहते हैं कि राज्य सरकार उन किसानों को 1,500 रुपये प्रति क्विंटल का अनुदान दे, जिन्होंने पिछले छह महीनों के दौरान अपनी उपज उत्पादन लागत से कम दाम पर बेची है।

निर्यात बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से होगी बात

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ केंद्र सरकार से संबंधित मुद्दों, जैसे प्याज व्यापार में अनियमितताओं को रोकना और प्याज की कीमतों को स्थिर करने के लिए प्याज निर्यात बढ़ाने पर बैठक की जाएगी। दीर्घकालिक समाधानों पर भी चर्चा होगी। प्याज का उत्पादन निश्चित रूप से बढ़ा है। बढ़ते उत्पादन के लिए बाजार तैयार करना आवश्यक है।

प्याज उत्पादक जिलों में फसल विविधीकरण पर जोर

व्यापारी किसानों से प्याज खरीदकर उसे नाफेड या अन्य एजेंसियों को बेच रहे हैं। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है और इसे स्थायी रूप से रोकना आवश्यक है। समिति को यह भी जांच करनी चाहिए कि नासिक, पुणे , अहिल्यानगर और सोलापुर के प्याज उत्पादक जिलों में फसल विविधीकरण संभव है या नहीं। यह प्रयोग आगामी खरीफ सीजन में ही किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि प्याज में भी फसल विविधीकरण आवश्यक है। इसमें किस्मों का चयन, उत्पादन आदि की जांच अवश्य की जानी चाहिए।

Also Read: किसानों के लिए अलर्ट मोड में सरकार, स्पेशल सेल का गठन; कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश

दीर्घकालिक समाधान दो-तीन महीने में लागू करने के निर्देश

किसानों को अधिक उपज देने वाली फसलों की ओर रुख करना होगा। यदि अगले दो-तीन वर्षों में यह दृष्टिकोण अपनाया जाता है, तो प्याज का उत्पादन और आपूर्ति किसानों के लिए लाभदायक होगी। वर्तमान में, प्याज का उत्पादन बढ़ाकर सरकार को किसानों की मदद करनी पड़ रही है क्योंकि आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो गई है। इससे किसानों को ही नुकसान हो रहा है। किसानों को इस स्थिति से निकालने के लिए दीर्घकालिक समाधान आवश्यक हैं। समिति को पूरी स्थिति की समीक्षा करके अल्पकालिक समाधान सुझाने को कहा गया है। दीर्घकालिक समाधान निर्धारित किए जाएं और अगले दो-तीन महीनों में लागू किए जाएं।

Advertisement
First Published - March 25, 2026 | 7:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement