कीमती धातुओं ने शुक्रवार को नए साल की शुरुआत मजबूती से की। साल के अंत में आई गिरावट से उबरते हुए प्रमुख शक्तियों के बीच तनाव और अमेरिकी ब्याज दर में कटौती की उम्मीदों ने निवेशकों की सोने की मांग को बढ़ा दिया।
हाजिर सोना 13.22 बजे (जीएमटी) तक 1.7 फीसदी बढ़कर 4,387.58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया जबकि 26 दिसंबर को यह 4,549.71 डॉलर के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंचा था और बुधवार को यह दो सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया था। फरवरी डिलिवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड वायदा 1.3 फीसदी बढ़कर 4,399.20 डॉलर प्रति औंस हो गया।
एफएक्सटीएम में वरिष्ठ अनुसंधान विश्लेषक लुकमान ओटनुगा ने कहा, कीमती धातुओं ने 2026 की शुरुआत बेहद सकारात्मक तरीके से की है। 2025 के आखिरी दिनों में मुनाफावसूली के बाद भू-राजनीतिक जोखिम और इस साल अमेरिकी ब्याज दरों में गिरावट की उम्मीदों से तेजी का माहौल दिख रहा है।
भौतिक मांग के लिहाज से भारत और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में लगभग दो महीनों में पहली बार सोने का भाव प्रीमियम पर रहा। हाल में सर्वकालिक उच्च स्तर से आई गिरावट ने खुदरा मांग बढ़ाने में मदद की।
सोमवार को 83.62 डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद हाजिर चांदी 3.4 फीसदी बढ़कर 73.71 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई जबकि प्लैटिनम सोमवार को 2,478.50 डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद 3.3 फीसदी बढ़कर 2,121.38 डॉलर प्रति औंस पर जा पहुंचा।
दोनों धातुओं ने अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ वर्ष का रिकॉर्ड बनाया, जिसमें चांदी ने 147 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज करते हुए अग्रणी भूमिका निभाई। इसका मुख्य कारण अमेरिका में महत्त्वपूर्ण खनिज के रूप में चांदी की पहचान, आपूर्ति में कमी और औद्योगिक एवं निवेश मांग में वृद्धि के बीच कम भंडार था।