सोने की कीमतों में गुरुवार को करीब 2 फीसदी की गिरावट आई। इससे पिछले सत्र में सोना दो हफ्ते के उच्चस्तर पर पहुंच गया था, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से ऊर्जा की कीमतें बढ़ गईं, जिससे महंगाई की चिंता और इस साल अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावनाएं और मजबूत हुईं। बुधवार को 7 जुलाई के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद हाजिर सोने की कीमत 2.1 फीसदी गिरकर 4,041.59 डॉलर प्रति औंस रह गईं।
अगस्त में डिलिवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 2.6 फीसदी गिरकर 4,043.50 डॉलर पर आ गया। अमेरिकी डॉलर में 0.3 फीसदी की बढ़त हुई, जिससे विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर कीमत वाली में सोना महंगा हो गया, जबकि 10 साल के अमेरिकी ट्रेजरी नोट पर यील्ड करीब एक फीसदी बढ़कर एक साल से ज्यादा के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।
अमेरिकन गोल्ड एक्सचेंज के बाजार विश्लेषक जिम वायकॉफ ने कहा, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से बॉन्ड यील्ड बढ़ रही है। इसकी वजह यह है कि महंगाई की समस्या के कारण केंद्रीय बैंक ब्याज दरें कम नहीं कर पाएंगे। बॉन्ड यील्ड का बढ़ना सोने और चांदी के तेजड़ियों के लिए नुकसानदेह है क्योंकि सोने और चांदी से कोई यील्ड (रिटर्न) नहीं मिलता है।
यमन के हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया।