सोने की कीमतें बुधवार को दो हफ्ते के उच्चस्तर पर पहुंच गईं। इसकी वजह डॉलर का कमजोर होना और टेक्निकल बाइंग थी। बाजार पश्चिम एशिया में जारी तनाव के संकेतों पर नजर रखे हुए था और उसे अमेरिका में ब्याज दरों के बारे में फेडरल रिजर्व के नए संकेतों का भी इंतजार था।
हाजिर सोना 1.3 फीसदी की बढ़त के साथ 4,130.59 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। दिन में यह 4,141.59 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंचा था, जो 7 जुलाई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था। अगस्त डिलिवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 1.5 फीसदी बढ़कर 4,135.40 डॉलर पर चला गया।
एफएक्सटीएम के वरिष्ठ शोध विश्लेषक लुकमैन ओटुंगा ने कहा, कमजोर डॉलर और कीमत गिरने पर खरीदारी करने वालों से तेजड़ियों को नया जोश मिला। इससे सोने की कीमतें तेजी से बढ़कर 4,140 डॉलर के पार चली गईं। हालांकि, उन्होंने कहा कि बाजार के मंदी वाले फंडामेंटल बढ़त को सीमित कर सकते हैं, खासकर इसलिए कि आज सुबह तेल की कीमतें 3 फीसदी से ज्यादा बढ़ गईं। बुधवार को अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में नरमी आई, जिससे विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर में बिकने वाली कीमती धातु सस्ती हो गई।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को कहा कि ईरान संकट को खत्म करने के लिए अमेरिका बातचीत करने को तैयार है। लेकिन तेहरान बातचीत को लेकर गंभीर नहीं है। बढ़ते टकराव के कारण सऊदी अरब से एशिया के लिए कच्चा तेल ले जा रहे चार टैंकरों को बुधवार को लाल सागर में अपना रास्ता बदलना पड़ा। ऐसा यमन के ईरान-समर्थक हूती विद्रोहियों की धमकियों के बाद हुआ, जिनका दक्षिणी रास्ते पर पड़ने वाले तट पर नियंत्रण है।
खाड़ी से आपूर्ति में रुकावट की वजह से तेल की कीमतें बढ़ी हैं। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है। इससे लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीदें बढ़ी हैं, जिससे बिना रिटर्न वाले सोने का आकर्षण कम हो जाता है।