facebookmetapixel
Advertisement
ओपनएआई का AI एजेंट टेस्टिंग में बेकाबू, हैकिंग घटना ने साइबर सुरक्षा पर बढ़ाई चिंताAI स्किल्स को IT कंपनियों में सबसे ज्यादा तवज्जो, कैंपस भर्ती और वेतन रणनीति में बड़ा बदलावRBI Economy Report: विदेशी निवेश में लौटा भरोसा, मजबूत मांग से भारतीय अर्थव्यवस्था को सहाराट्रंप के जेनेरिक दवा शुल्क प्रस्ताव से भारतीय फार्मा पर दबाव, उत्पादन अमेरिका ले जाना आसान नहींMutual Fund लाइसेंस की कतार बढ़ी, तीन नए आवेदक; SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रहीं 9 कंपनियांकमजोर डॉलर से सोने में जोरदार तेजी, दो हफ्ते के हाई पर पहुंचा भाव 3 अगस्त से बदलेगा शेयर बाजार का क्लोजिंग सिस्टम, Closing Auction के लिए एक्सचेंज तैयारQ1 नतीजों के बाद Bandhan Bank पर दबाव, शेयर 17% टूटे; कमजोर RoA गाइडेंस से निवेशकों को झटकापश्चिम एशिया संकट गहराया, कच्चा तेल 2% की बढ़त के साथ छह हफ्ते के हाई पर दो महीने के निचले स्तर के करीब रुपया, डॉलर के मुकाबले 96.57 के स्तर पर फिसला

3 अगस्त से बदलेगा शेयर बाजार का क्लोजिंग सिस्टम, Closing Auction के लिए एक्सचेंज तैयार

Advertisement

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) कैश सेगमेंट के उन शेयरों पर लागू होगा, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध उपलब्ध हैं। ऐसे शेयरों की क्लोजिंग प्राइस सीएएस के आधार पर तय की जाएगी

Last Updated- July 22, 2026 | 11:02 PM IST
Stock Market
प्रतीकात्मक तस्वीर

क्लोज ऑक्शन की नई व्यवस्था लागू होने में अब लगभग 10 दिन बचे हैं। एक्सचेंज इस बदलाव की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए पिछले सप्ताहांत उन्होंने मॉक ट्रेडिंग (वर्चुअल पैसे से आभासी कारोबार) की। आने वाले हफ्तों में भी ऐसी और ट्रेडिंग रखी गई हैं, जिनमें ब्रोकर टेस्टिंग के लिए हिस्सा लेंगे। सिस्टम से जुड़े लोगों को इसकी जानकारी देने और व्यवस्था की परख के मकसद से हाल में 18 जुलाई को मॉक ट्रेडिंग की गई थी।

क्लोजिंग प्राइस को ज्यादा पारदर्शी बनाने के मकसद से नया सिस्टम 3 अगस्त से लागू किया जा रहा है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) कैश सेगमेंट के उन शेयरों पर लागू होगा, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध उपलब्ध हैं। ऐसे शेयरों की क्लोजिंग प्राइस सीएएस के आधार पर तय की जाएगी। अभी लगभग 210 ऐसे शेयर हैं, जिनके डेरिवेटिव उपलब्ध हैं।

अन्य प्रतिभूतियों के लिए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है। कैश सेगमेंट में बाकी प्रतिभूतियों के लिए बंद कीमतें कैश सेगमेंट में कंटीन्यूअस ट्रेडिंग सेशन (सीटीएस) के आखिरी 30 मिनट में हुए सौदों के वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (वीडब्ल्यूएपी) के आधार पर तय की जाती रहेंगी। 

ब्रोकिंग उद्योग के एक अधिकारी ने कहा, शुरुआती दौर में खुदरा निवेशकों को कुछ भ्रम हो सकता है क्योंकि कुछ शेयर दूसरों के मुकाबले जल्दी बंद हो जाएंगे, लेकिन जैसे-जैसे निवेशकों को इसकी आदत होगी, उन्हें चीजें साफ समझ आने लगेंगी। बाजार नियामक फंडों की समस्या हल करने की कोशिश कर रहा है, जिनके लिए क्लोजिंग प्राइस ज्यादा प्रामाणिक होती है। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम शुरुआती कुछ दिनों में थोड़ा मुश्किल लग सकता है और खुदरा निवेशकों को ऑर्डर मैचिंग को लेकर कुछ कन्फ्यूजन हो सकता है, लेकिन अनुभव के साथ यह चलन में आ जाएगा।

उद्योग के कुछ लोगों का कहना है कि अगर मॉक ट्रेडिंग के दौरान कोई बड़ी तकनीकी समस्या आती है तो इसे लागू करने की समय-सीमा बढ़ाई जा सकती है। सीएएस दोपहर 3:15 बजे से 3:35 बजे तक 20 मिनट का एक अलग सेशन होगा। रेफरेंस प्राइस कैलकुलेशन या सीटीएस से सीएएस में बदलाव का समय दोपहर 3:15 बजे से 3:20 बजे तक होगा।

Advertisement
First Published - July 22, 2026 | 10:54 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement