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उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू से ‘डरना मना है’…

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Last Updated- December 05, 2022 | 7:48 PM IST

पश्चिम बंगाल में भले ही बर्ड फ्लू के डर से नादिया में नये सिरे से चूजों को मारने का काम शुरू हो गया है, वहीं उत्तर प्रदेश के लोगों पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है और लोग बेधड़क अंडे खाने में जुटे हुए हैं।


लोगों की इसी अंडा प्रेम के चलते शुरुआती झटकों से उबरकर पॉल्ट्री उद्योग फिर से पटरी पर आ गया है।हालत यह है कि उत्तर प्रदेश के निवासी अब एक दिन में डेढ़ करोड़ से ज्यादा अंडे खा रहे हैं।


इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश में रोजाना आंध्र प्रदेश, हरियाणा और पंजाब से 50,000 किलो से भी अधिक मुर्गे-मुर्गियों का आयात किया जा रहा है। प्रदेश का पशुपालन विभाग इसे बर्ड फ्लू को लेकर चलाए जा रहे अभियान का नतीजा मानकर अपनी पीठ थपथपा रहा है। पशुपालन विभाग की मानें तो लोग बर्ड फ्लू की लगातार अफवाहों से अब ऊब चुके हैं।


प्रमुख सचिव, पशुपालन, आर. एस. श्रीवास्तव ने बिानेस स्टैंडर्ड को बताया कि एहतियात के तौर पर पश्चिम बंगाल व बिहार से चूजों और अंडों का आयात बंद कर दिया गया है। श्रीवास्तव के मुताबिक प्रदेश में फरवरी के पहले हफ्ते में 5000 संक्रमित चूजों को मारा गया था, जिनकी खेप पश्चिम बंगाल के माल्दा जिले से मुगलसराय व शाहजहांपुर आयी थी। अब हम केवल आंध्र प्रदेश, हरियाणा और पंजाब से पॉल्ट्री उत्पाद मंगा रहे हैं।


उन्होंने यह जानकारी भी दी कि सर्दी खत्म होते ही प्रवासी पक्षी वापस चले गए हैं, जिससे बर्ड फ्लू की संभावना न के बराबर रह गई है। प्रमुख सचिव के अनुसार, अब जबकि बर्ड फ्लू का उत्तर प्रदेश में कोई खतरा नजर नहीं आ रहा है, पॉल्ट्री व्यापार ने फिर से गति पकड़ ली है।


पशुपालन निदेशालय के एक अधिकारी डॉ.ए. के. श्रीवास्तव के मुताबिक प्रदेश में हर साल एक लाख मीट्रिक टन (बॉयलर) चिकन का उत्पादन हो रहा है, जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि इस समय करीब 50,000 किलो चिकन की रोजाना खपत है।

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First Published - April 10, 2008 | 12:12 AM IST

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