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लंदन में कच्चे तेल में उबाल, पहुंचा 140 डॉलर के पार

Last Updated- December 07, 2022 | 4:42 AM IST

पिछले हफ्ते 139 डॉलर प्रति बैरल की रेकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद कच्चा तेल सोमवार को नीचे उतर आया।


सोमवार को कच्चे तेल में करीब 2.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 135.27 डॉलर प्रति बैरल पर टिका। हालांकि लंदन में कच्चा तेल 140 डॉलर पर पहुंच गया। कच्चे तेल से जुड़े कारोबारियों ने सोमवार को इसमें मुनाफावसूली की और इसी वजह से कच्चे तेल में नरमी देखी गई।

छह जून यानी शुक्रवार को कच्चे तेल में करीब 11 डॉलर प्रति बैरल की तेजी देखी गई थी और यह 139 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया था। इस तेजी पर सऊदी अरब के तेल मंत्री ने रविवार को कहा था कि यह सही नहीं है। सोमवार को न्यू यॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज कच्चे तेल का जून में डिलिवरी वाला वायदा 3.27 डॉलर यानी 2.4 फीसदी लुढ़ककर 135.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गिरा। हालांकि लंदन में 140 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार हुआ।

1983 में इसकी ट्रेडिंग शुरू होने के बाद पहला मौका था जब छह जून को कच्चा तेल 139.12 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा था। पिछले दो हफ्ते में अमेरिकी डॉलर अपने निचले स्तर पर पहुंच गया था और मार्गन स्टेनली के मुताबिक कच्चे तेल की कीमत एक महीने के अंदर 150 डॉलर प्रति बैरल को पार कर सकती है। इसी वजह से कच्चे तेल में उबाल देखा गया था।

उधर, गोल्डमैन सैक्स के कमोडिटी रिसर्च हेड जे. कैरी का कहना है कि अमेरिकी भंडार में कमी और सप्लाई में कमी के चलते गर्मी के इस सीजन में कच्चा तेल 150 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच सकता है।

इस बीच, जुलाई अनुबंध वाला ब्रेंट क्रूड करीब 2.6 फीसदी गिरकर 134.05 डॉलर प्रति बैरल पर आ गिरा। लंदन में इसका भाव 135.12 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। इस बीच, पेट्रोलियम निर्यातक देशों की संस्था ओपेक का बेंचमार्क क्रूड बास्केट प्राइस छह जून को 126.11 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक दिन पहले के मुकाबले इसमें 6.1 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। पूरी दुनिया के कुल तेल के करीब 40 फीसदी तेल की सप्लाई ओपेक करता है।

First Published - June 9, 2008 | 11:37 PM IST

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