facebookmetapixel
Advertisement
सीमेंट कंपनियों की बिक्री में 7-8% उछाल, बढ़ती लागत ने मुनाफे पर डाला दबावमॉनसून सत्र में महज चार दिन शेष, शाह के बयान से पीछे हटने को तैयार नहीं विपक्षप्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों को दी बधाई, ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ को किया याद; हर घर तिरंगा की अपीलISRO 6 साल में भेजेगा 300 उपग्रह! 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाने का लक्ष्यरिटर्न में पिछड़कर भी रहे एसआईपी की पसंद निवेश के लिए कितने सही हैं लार्ज कैप फंड?FPI की खरीदारी वाले शेयरों ने दिया बेहतर रिटर्न, फिर भी हिस्सेदारी 14 साल के निचले स्तर परमदरसन इंटरनैशनल में 9% उछाल, मजबूत नतीजों और नए कारोबार से बढ़ी ग्रोथ की उम्मीदNSE-BSE के दबदबे में क्षेत्रीय एक्सचेंजों का सफर, क्या लौटेगा कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज?हीरो मोटोकॉर्प की रफ्तार बरकरार, मजबूत वॉल्यूम और प्रीमियम मिक्स से बढ़ी उम्मीदउदारीकरण के 35 साल: ‘सनसेट इंडस्ट्री’ जिसने आर्थिक सुधारों के बाद लिख दी विकास की नई इबारत

किसानों को राहत! गेहूं की गुणवत्ता मानकों में बड़ी ढील, MSP पर पूरी खरीद

Advertisement

केंद्र ने बारिश से प्रभावित गेहूं के लिए गुणवत्ता मानकों में ढील देकर MSP पर खरीद सुनिश्चित की, अतिरिक्त जिम्मेदारी राज्य पर डाली।

Last Updated- April 18, 2026 | 8:35 AM IST
Wheat
Representative image

केंद्र सरकार ने कई दिनों के इंतजार के बाद अंतत: 2026-27 विपणन सत्र के लिए पंजाब से खरीदे जाने वाले गेहूं के गुणवत्ता मानकों में ढील दे दी है। इससे केंद्रीय पूल के लिए खरीद में तेजी आने की उम्मीद है।

आधिकारिक आदेश के अनुसार केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार और एफसीआई-पंजाब के अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए पंजाब व चंडीगढ़ में बेमौसम बारिश से प्रभावित गेहूं की फसल के लिए ‘समान’ दिशानिर्देशों में ढील देने का निर्णय लिया है।

नए मापदंडों के अनुसार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) अब पंजाब में 70 प्रतिशत चमक खो चुके और 15 प्रतिशत सिकुड़े हुए दानों वाले गेहूं को स्वीकार करेगा। हालांकि मौजूदा गुणवत्ता मानक 6 प्रतिशत सिकुड़े हुए दानों का था। इसके अलावा निगम राज्य से क्षतिग्रस्त व मामूली रूप से क्षतिग्रस्त दानों वाले गेहूं को भी स्वीकार करेगा, जिनकी मात्रा कुल मूल्य के 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।

केंद्र ने  आदेश में यह भी कहा कि रियायती मानकों के तहत खरीदी गई गेहूं की खरीद को अलग से भंडारित और दर्ज किया जाना चाहिए। इसके अलावा भंडारण के दौरान रियायती मानकों के तहत खरीदी गई गेहूं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की गिरावट की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि कम गुणवत्ता वाली गेहूं की खरीद समय से पहले कर दी जाएगी और इससे संबंधित सभी वित्तीय लागत राज्य सरकार को वहन करनी होगी।

पंजाब से रियायती मानकों के तहत खरीदी गई गेहूं की सभी खरीद में न्यूनतम समर्थन मूल्य  2,585 रुपये प्रति क्विंटल में कोई कमी नहीं की जाएगी।

Advertisement
First Published - April 18, 2026 | 8:35 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement