आरबीआई का प्रस्ताव, बैंकों की मुसीबत
बैंकों के लिए मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले तो उन पर बजट में 60 हजार करोड़ रुपये का बोझ डाला गया और अब रिजर्व बैंक के नए दिशानिर्देशों की वजह से उन्हें 800 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े सकते हैं। दरअसल, रिजर्व बैंक ने कर्ज वसूली के नियमों फेरबदल करने […]
ओबीसी कोटे पर कोर्ट की मुहर
यह बात अब साफ हो गई है कि केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों के लिए 27 फीसदी सीटों का आरक्षित किया जाना संविधान की मूल भावना के साथ किसी तरह का खिलवाड़ नहीं है। इन संस्थानों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए पहले […]
‘सच्चे न्याय’ की आस में अपील पर अपील
अदालती मुकदमेबाजी में फंसे किसी शख्स को दो चुनौतियों से दो-चार होना पड़ता है। पहली चुनौती मुकदमे की सुनवाई के बार-बार टलने यानी तारीख पर तारीख पड़ने से है। उनकी दूसरी चुनौती का सरोकार बार-बार अपील से संबधित है, जिसका सिलसिला सुप्रीम कोर्ट तक चलता है। यदि बात सिर्फ एक अपील तक सीमित हो, तो […]
रिजर्व बैंक पर ‘नकेल’ सही नहीं
वित्तीय क्षेत्र में सुधारों पर बनी रघुराम राजन कमिटी की रिपोर्ट वेबसाइट पर पहुंच चुकी है और इस पर टिप्पणियां भी मांगी गई हैं। मैं इस न्योते को डरते हुए स्वीकार कर रहा हूं। पिछले साल जब युवा पर्सी मिस्त्री ने अपनी रिपोर्ट ‘मुंबई : एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेंटर’ पर मुझे एक कॉलम लिखने को […]
यस बैंक: प्रावधानों में शूल
यस बैंक का प्रावधान और आकस्मिक कोष मार्च 2008 में समाप्त हुई तिमाही में 22.8 करोड़ रुपये था, जो वर्तमान वर्ष के पहले नौ महीने के लिए इसी मद के 20.8 करोड़ रुपये के से कहीं अधिक है। प्रबंधन का मानना है कि विवेकपूर्ण उपायों के रूप में ” जनरल क्रेडिट प्रोविजन” यानी साधारण ऋण […]
सही मूल्य निर्धारण बदल सकता है आईपीओ बाजार
पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) प्राथमिक बाजार में सुधार लाने की तैयारी में है ताकि निवेशकों को लाभ हो और आईपीओ बाजार के प्रति उनका विश्वास फिर से लौट सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नव जागरण तभी संभव है जब पब्लिक इश्यू के मूल्य आकर्षक हों और सेकंडरी बाजार […]
सौदों के मामले में चुनिंदा बनेंगी पीई कंपनियां
विशेषज्ञों के अनुसार वर्ग-विशेष की तुलना में कंपनी-विशेष के सौदे अधिक होंगे प्राइवेट इक्विटी (पीई) के विशेषज्ञों का अनुमान है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष सौदों में मंदी होने के बावजूद अधिक लेन देन और खरीदारी के कारण पीई कंपनियां वर्ष 2008 में नियंत्रणकारी हिस्सेदारी हासिल करेंगी। आईसीआईसीआई वेंचर्स के निदेशक सुमित चंदवानी […]
भारती-एक्सा की विस्तार योजना
देश के 36 वें परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (एएमसी) के रूप में भारती-एक्सा इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप दासगुप्ता का मानना है कि बीते दस सालों में परिसंपत्ति प्रबंधन कारोबार का खर्च काफी बढ़ गया है। उनका मानना है कि इस कारोबार से जुड़े लोगों, मार्केटिंग विभाग और इसके लिए उपयुक्त परिसरों की व्यवस्था […]
सिंगापुर से निफ्टी में कारोबार कर रहे हैं एफआईआई
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई)ने पी नोट्स के जरिए निवेश पर लगी पाबंदी से निपटने का नया रास्ता निकाल लिया है। अब वो सिंगापुर में बैठकर निफ्टी इंडेक्स में कारोबार कर रहे हैं। ये निवेशक निफ्टी इंडेक्स में अपना कारोबार धीरे धीरे सिंगापुर एक्सचेंज (एसजीएक्स) के जरिए कर रहे हैं। सिंगापुर एक्सचेंज का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स […]
मंदी में भी आईपीओ ने काटी बढ़िया चांदी
पिछले साल की आखिरी तिमाही में बाजार औंधे मुंह गिर रहा था लेकिन इसी दौरान कंपनियों ने आईपीओ के जरिए बाजार से सबसे ज्यादा रकम भी जुटा ली। इस दौरान कंपनियों ने 17,217 करोड़ रुपए जुटाए जो उसके पहले के साल की तुलना में दोगुना है। एसोचेम की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2006-07 की आखिरी […]
