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Power Sector: गर्मी बढ़ रही है, लेकिन बिजली की मांग क्यों नहीं? ब्रोकरेज की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

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वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में बिजली की मांग में केवल 1.9 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि मार्च 2026 में यह बढ़त सिर्फ 0.7 प्रतिशत रही

Last Updated- April 15, 2026 | 8:36 AM IST
power sector

देश में गर्मी का असर तेज होता जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि बिजली की मांग उसी रफ्तार से नहीं बढ़ रही। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की ताजा रिपोर्ट ने पावर सेक्टर की एक चिंताजनक तस्वीर सामने रखी है, जहां खपत सुस्त बनी हुई है और कंपनियों का प्रदर्शन दबाव में है।

मांग में सुस्ती ने बढ़ाई चिंता

नुवामा की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में बिजली की मांग में केवल 1.9 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि मार्च 2026 में यह बढ़त सिर्फ 0.7 प्रतिशत रही। पूरे साल में मांग लगभग स्थिर रही और इसमें सिर्फ 0.8 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई।

मानसून और उद्योगों की सुस्ती बना कारण

रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबे समय तक चले मानसून और गर्मी की धीमी शुरुआत ने मांग को प्रभावित किया। इसके अलावा औद्योगिक गतिविधियों में कमजोरी भी एक बड़ा कारण रही।

पीक डिमांड बढ़ी, लेकिन प्लांट खाली

हालांकि अधिकतम बिजली मांग बढ़कर करीब 245 गीगावॉट तक पहुंच गई, लेकिन बिजली संयंत्रों का उपयोग कम रहा। मार्च 2026 में पीएलएफ करीब 70 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल के 73.4 प्रतिशत से कम है।

बड़ी कंपनियों पर असर

नुवामा के मुताबिक, एनटीपीसी और टाटा पावर जैसी कंपनियों के प्रदर्शन पर असर पड़ा है। एनटीपीसी का पीएलएफ घटकर करीब 76.7 प्रतिशत रह गया, जबकि टाटा पावर का करीब 63 प्रतिशत रहा। इसके चलते कंपनियों के मुनाफे में सीमित बढ़त की उम्मीद है।

बिजली बाजार और नवीकरणीय ऊर्जा की तस्वीर

आईईएक्स पर बिजली का कारोबार मार्च 2026 में 23.5 प्रतिशत बढ़ा। सौर ऊर्जा के समय कीमतें घटकर करीब 3.3 रुपये प्रति यूनिट रहीं, जबकि अन्य समय में यह बढ़कर करीब 5.3 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच गईं। वहीं, नवीकरणीय ऊर्जा में तेजी जारी है और करीब 368 गीगावॉट की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।

नुवामा के टॉप पिक्स

रिपोर्ट में नुवामा ने इस सेक्टर में निवेश के लिए सीईएससी और एनटीपीसी को अपने टॉप पिक्स बताया है। कंपनी का मानना है कि इन कंपनियों का प्रदर्शन बाकी के मुकाबले बेहतर रह सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - April 15, 2026 | 8:19 AM IST

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