facebookmetapixel
Advertisement
Wipro Share: बायबैक की रिकॉर्ड डेट बीती, अब Wipro शेयर में क्यों बढ़ा दबाव?Pipe Sector: वॉल्यूम और मुनाफे में तेज ग्रोथ की उम्मीद, Astral समेत 3 पाइप शेयरों में 27% तक अपसाइडGold, Silver Price Today: सोना ₹1700 से ज्यादा टूटा, चांदी में ₹5900 की गिरावट; चेक करें आज का भावJio, Airtel, VI: रिचार्ज महंगे होने की उम्मीद, किस टेलीकॉम स्टॉक को होगा सबसे ज्यादा फायदा?Iran-Israel War: मिसाइल हमले के बाद भड़का इजराइल, ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़ा हमला7.7% से 6% तक आ सकती है भारत की ग्रोथ रेट! क्या मुश्किल दौर आने वाला है?Stock Market Update: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट! सेंसेक्स 600 अंक टूटा, निफ्टी 23,200 के करीब; NRB Bearings ने लगाई 10% की छलांगजंतर-मंतर पर गूंजा Gen Z का गुस्सा, क्या कॉकरोच जनता पार्टी बन रही युवाओं की नई आवाज?मोदी कैबिनेट में बड़ा बदलाव तय? BJP के हालिया फैसलों ने तेज की अटकलेंदवाओं की कीमतें बढ़ेंगी या नहीं? औषधि सचिव ने दिया जवाब

Power Sector: गर्मी बढ़ रही है, लेकिन बिजली की मांग क्यों नहीं? ब्रोकरेज की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

Advertisement

वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में बिजली की मांग में केवल 1.9 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि मार्च 2026 में यह बढ़त सिर्फ 0.7 प्रतिशत रही

Last Updated- April 15, 2026 | 8:36 AM IST
power sector

देश में गर्मी का असर तेज होता जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि बिजली की मांग उसी रफ्तार से नहीं बढ़ रही। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की ताजा रिपोर्ट ने पावर सेक्टर की एक चिंताजनक तस्वीर सामने रखी है, जहां खपत सुस्त बनी हुई है और कंपनियों का प्रदर्शन दबाव में है।

मांग में सुस्ती ने बढ़ाई चिंता

नुवामा की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में बिजली की मांग में केवल 1.9 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि मार्च 2026 में यह बढ़त सिर्फ 0.7 प्रतिशत रही। पूरे साल में मांग लगभग स्थिर रही और इसमें सिर्फ 0.8 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई।

मानसून और उद्योगों की सुस्ती बना कारण

रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबे समय तक चले मानसून और गर्मी की धीमी शुरुआत ने मांग को प्रभावित किया। इसके अलावा औद्योगिक गतिविधियों में कमजोरी भी एक बड़ा कारण रही।

पीक डिमांड बढ़ी, लेकिन प्लांट खाली

हालांकि अधिकतम बिजली मांग बढ़कर करीब 245 गीगावॉट तक पहुंच गई, लेकिन बिजली संयंत्रों का उपयोग कम रहा। मार्च 2026 में पीएलएफ करीब 70 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल के 73.4 प्रतिशत से कम है।

बड़ी कंपनियों पर असर

नुवामा के मुताबिक, एनटीपीसी और टाटा पावर जैसी कंपनियों के प्रदर्शन पर असर पड़ा है। एनटीपीसी का पीएलएफ घटकर करीब 76.7 प्रतिशत रह गया, जबकि टाटा पावर का करीब 63 प्रतिशत रहा। इसके चलते कंपनियों के मुनाफे में सीमित बढ़त की उम्मीद है।

बिजली बाजार और नवीकरणीय ऊर्जा की तस्वीर

आईईएक्स पर बिजली का कारोबार मार्च 2026 में 23.5 प्रतिशत बढ़ा। सौर ऊर्जा के समय कीमतें घटकर करीब 3.3 रुपये प्रति यूनिट रहीं, जबकि अन्य समय में यह बढ़कर करीब 5.3 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच गईं। वहीं, नवीकरणीय ऊर्जा में तेजी जारी है और करीब 368 गीगावॉट की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।

नुवामा के टॉप पिक्स

रिपोर्ट में नुवामा ने इस सेक्टर में निवेश के लिए सीईएससी और एनटीपीसी को अपने टॉप पिक्स बताया है। कंपनी का मानना है कि इन कंपनियों का प्रदर्शन बाकी के मुकाबले बेहतर रह सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

Advertisement
First Published - April 15, 2026 | 8:19 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement