भाजपा की हाल की कुछ कार्रवाई इस कयास को हवा दे रही है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में जल्द ही फेरबदल हो सकता है। इनमें दो केंद्रीय मंत्रियों को राज्य इकाइयों की जिम्मेदारी देना और दो अन्य को राज्यसभा के लिए दोबारा नामांकित न करना शामिल है।
भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार, इस सप्ताह अपने वर्तमान कार्यकाल के दो साल पूरे कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 72 सदस्यों वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 9 जून 2024 को शपथ ग्रहण की थी जिसमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 36 राज्य मंत्री शामिल हैं।
संविधान के 91वें संशोधन (2003) के अनुसार, मंत्रिपरिषद का आकार लोकसभा या राज्य विधानसभा की कुल संख्या का अधिकतम 15 प्रतिशत हो सकता है। जिन केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभाएं हैं वहां यह सीमा 10 प्रतिशत है जिनमे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, पुदुच्चेरी और जम्मू-कश्मीर शामिल है।
नरेंद्र मोदी सरकार ने 6 जुलाई, 2016 और 7 जुलाई, 2021 में अपने मंत्रिपरिषद में फेरबदल और विस्तार किया था और दोनों बार सरकार के दो साल पूरे होने के लगभग एक महीने बाद ऐसा हुआ। बीते गुरुवार को भाजपा ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए पांच राज्यों से 11 नेताओं को नामांकित किया। सूची में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन का नाम शामिल नहीं था, जिनकी राज्यसभा सदस्यता 21 जून को समाप्त हो रही है।
18 जून को 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के साथ महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा में एक-एक उपचुनाव होंगे। नामांकन भरने की अंतिम तारीख 8 जून है। पंजाब से कांग्रेस के पूर्व सांसद बिट्टू वर्तमान में राजस्थान से भाजपा के राज्यसभा सदस्य हैं जहां फरवरी-मार्च 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। वहीं, केरल के मूल निवासी कुरियन राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं जहां मई में विधानसभा चुनाव हुए।