Business Standard
Advertisement
EPFO की EDLI स्कीम: कर्मचारियों को मिलता है ₹7 लाख तक का फ्री लाइफ इंश्योरेंस, ऐसे कर सकते हैं क्लेमअगले साल की शुरुआत में भारत आ सकते हैं ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दी जानकारीनिवेशक दें ध्यान! अगले हफ्ते कजारिया सेरामिक्स समेत ये 3 कंपनियां करेंगी शेयर बायबैक, जानें पूरी डिटेलDividend Stocks: अगले हफ्ते खुलेगा कमाई का पिटारा, टाटा-महिंद्रा-बजाज समेत 46 कंपनियां बांटेगी डिविडेंडAIF Market: पश्चिम एशिया संकट थमने से वैकल्पिक निवेश फंडों में लौटी रौनक, HNIs का बढ़ा भरोसाभारतीय फिनटेक कंपनियों की नजर अब ग्लोबल मार्केट पर, स्ट्राइप-पेपाल की तर्ज पर दुनिया भर में लाइसेंस लेने की होड़इनवेस्को सहित कई फंड कंपनियों ने नए निवेश पर लगाई रोक, पर निवेशक गोल्ड ETF खरीदें, बेचें या होल्ड करें?EMI नहीं चुका पाने के चलते बैंक वाले उठा ले गए बाइक? जानिए क्या हैं आपके पास कानूनी अधिकारSME IPO में करने जा हैं निवेश? सिर्फ GMP देखकर न फंसें, नुकसान से बचने के लिए इन फैक्टर्स का भी रखें ध्यानग्रीन यूरिया को प्रतिस्पर्धी बनाने की तैयारी, लागत का अंतर दूर करने के लिए सब्सिडी देगी सरकार
अन्य समाचार मनमोहन ने करुणा से कहा, तमिलों के पुनर्वास के लिए राजपक्षे से की चर्चा
'

मनमोहन ने करुणा से कहा, तमिलों के पुनर्वास के लिए राजपक्षे से की चर्चा

PTI

- July,17 2012 6:04 AM IST

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी सरकार के महत्वपूर्ण घटक दल द्रमुक को बताया है कि उन्होंने श्रीलंका में तमिलों के पुनर्वास के लिए जरूरी कदमों पर वहां के राष्ट्रपति महिन्दा राजपक्षे से बात की थी ।

द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि को 25 जून को लिखे में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने मुद्दे पर राजपक्षे से भी चर्चा की थी ।

प्रधानमंत्री ने यह पत्र करुणानिधि के पत्र के जवाब में लिखा जिसमें तमिलों के बारे में श्रीलंका के एक मंत्री की विवादास्पद टिप्पणियों पर आपत्ति जताई गई थी ।

मनमोहन ने लिखा कि उन्होंने 21 जून को रियो डे जैनीरो में श्रीलंका के राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान श्रीलंकाई तमिलों के पुनर्वास का मुद्दा उठाया था ।

द्रमुक मुख्यालय द्वारा यहां जारी पत्र में कहा गया, मैंने श्रीलंका के भीतर उचित राजनीतिक और अन्य प्रबंधों की आवश्यकता पर भी जोर दिया था जिससे कि तमिल गरिमा के साथ रह सकें और श्रीलंका में घर जैसा महसूस कर सकें ।

द्रमुक प्रमुख ने श्रीलंकाई मंत्री चंपिका रणवाका की अत्यधिक भड़काउ टिप्पणी के बारे में प्रधानमंत्री को लिखा था । श्रीलंकाई मंत्री ने अपनी टिप्पणी में श्रीलंका में तमिलों के खिलाफ हिंसक प्रतिघात की धमकी दी थी ।

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement