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अदाणी पावर, कोचीन शिपयार्ड, ह्यूंडै मोटर इंडिया समेत 6 शेयर अब F&O में, NSE का बड़ा फैसला

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एनएसई के फैसले से डेरिवेटिव बाजार में बढ़ेंगे निवेश के विकल्प, 30 मार्च को घोषित होगी मार्केट लॉट और स्ट्राइक प्राइस योजना

Last Updated- March 10, 2026 | 8:28 AM IST
NSE

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने घोषणा की है कि 1 अप्रैल 2026 से छह नए शेयरों को फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) सेगमेंट में शामिल किया जाएगा। एक्सचेंज ने यह जानकारी सोमवार शाम जारी एक सर्कुलर में दी। एनएसई के अनुसार जिन कंपनियों के शेयर एफएंडओ में जोड़े जाएंगे, उनमें अदाणी पावर, कोचीन शिपयार्ड, ह्यूंडै मोटर इंडिया, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज, निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट और विशाल मेगा मार्ट शामिल हैं।

30 मार्च को घोषित होगी लॉट और स्ट्राइक प्राइस योजना

सर्कुलर के मुताबिक इन छहों शेयरों के लिए मार्केट लॉट और स्ट्राइक प्राइस की योजना 30 मार्च को घोषित की जाएगी। एक्सचेंज ने कहा कि कितनी मात्रा तक ट्रेडिंग पर रोक (क्वांटिटी फ्रीज) लागू होगी, इसकी जानकारी कॉन्ट्रैक्ट फाइल में दी जाएगी, जो 1 अप्रैल से ट्रेडिंग के लिए लागू होगी।

एनएसई का कहना है कि एफएंडओ सेगमेंट में और कंपनियों को शामिल करने का उद्देश्य बाजार में गहराई और तरलता बढ़ाना है। इससे निवेशकों को डेरिवेटिव बाजार में ट्रेडिंग के लिए अधिक कंपनियों के विकल्प मिलेंगे।

हालांकि एफएंडओ ट्रेडिंग को काफी जोखिम भरा माना जाता है। इसी कारण सरकार और बाजार नियामक सेबी खुदरा निवेशकों को इस बाजार में अधिक जोखिम लेने से रोकने के लिए कई कदम उठा चुकी है।

सेबी की एक स्टडी के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में एफएंडओ बाजार में ट्रेडिंग करने वाले 90 प्रतिशत से ज्यादा व्यक्तिगत निवेशकों को नुकसान हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक इन निवेशकों का कुल शुद्ध नुकसान बढ़कर 1,05,603 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 74,812 करोड़ रुपये था।

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अत्यधिक सट्टेबाजी को रोकने और निवेशकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सेबी ने कई कदम उठाए हैं। इनमें साप्ताहिक डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव, कॉन्ट्रैक्ट साइज बढ़ाना, ज्यादा मार्जिन की जरूरत और इंट्राडे पोजिशन लिमिट की निगरानी जैसे उपाय शामिल हैं।

एफएंडओ पर टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव

इस बीच सरकार ने भी फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह प्रस्ताव FY27 के बजट में रखा था।

प्रस्ताव के अनुसार फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट पर एसटीटी 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया जाएगा। वहीं ऑप्शंस प्रीमियम पर एसटीटी 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत और ऑप्शंस एक्सरसाइज पर 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।

सरकार के प्रस्ताव के अनुसार एसटीटी की नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।

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First Published - March 10, 2026 | 8:17 AM IST

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