चांदी भी बुधवार को 6 डॉलर प्रति औंस की छूट पर कारोबार कर रही थी। घरेलू बाजार में चांदी की कीमत में 4.6 डॉलर प्रति औंस यानी 5,400 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी आ गई। गुरुवार को चांदी लगभग 2,87,350 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। चांदी, प्लैटिनम, पैलेडियम और रोडियम बुलियन पर बुनियादी सीमा शुल्क एवं उपकर सहित शुल्क अब 15 फीसदी हो गया है जो पहले 6 फीसदी था। डॉर यानी अपरिष्कृत सोने पर शुल्क 5.35 फीसदी से बढ़कर 14.35 फीसदी हो गया है। इससे परिष्कृत सोने और डॉर के बीच 0.65 फीसदी के अंतर में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
मेटल फोकस के शोध सलाहकार आदर्श दिवे ने कहा, ‘कुछ बैंकों/आयातकों ने नए शुल्क ढांचे की घोषणा से ठीक पहले 6 फीसदी शुल्क पर आयात किया था। वे अब कम कीमत पर बिक्री कर रहे थे जिससे बाजार में गिरावट आई।’
बैंकों ने अप्रैल के मध्य में नामित बैंक के रूप में अपनी मान्यता का नवीनीकरण कराने के बावजूद सोने का आयात नहीं किया। मेटल फोकस की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में सोने का आयात काफी गिर गया और वह महज 10 से 15 टन रह गया। भारतीय बैंकों ने अप्रैल में सोने का आयात नहीं किया क्योंकि नए लाइसेंस जारी करने में देरी और बैंकों द्वारा सोने के आयात पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगने के बारे में अनिश्चितता थी। साल 2018 में मौजूदा कर व्यवस्था की शुरुआत हुई थी और तभी से बैंकों को जीएसटी से छूट प्राप्त था। मगर इस साल छूट की अवधि समाप्त हो गई है और बैंक उसमें विस्तार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार ने डॉर सोना आयात करने के लाइसेंस का नवीनीकरण भी बंद कर दिया था। इससे आयात में काफी सुस्ती दिख रही है। उद्योग के जानकारों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से बैंकों ने जीएसटी का भुगतान करते हुए सोने का आयात शुरू कर दिया है।
इंडिया बुलियन ऐंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने कहा, ‘फिलहाल सोने की मांग काफी कम हो गई है।’ उन्होंने कहा कि सोने की कीमतों में सुधार होने पर ही चीजें सामान्य हो सकती हैं।