facebookmetapixel
Advertisement
ITR File करने जा रहे हैं? भूलकर भी न करें ये बड़ी गलतियां, वरना घर आ सकता है टैक्स नोटिसअभी तक नहीं किया ITR File? Paytm ने अपने ऐप पर शुरू की फाइलिंग की सुविधा, जानें स्टेप-बाय-स्टेप तरीकाखरीफ फसलों की बोआई और सुधरी, रकबा में कमी अब 5 फीसदी से नीचेबंगाल में कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! सरकार 7वें वेतन आयोग लागू करने की तैयारी में, DA-DR में होगी बढ़ोतरीडॉलर की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से संभली भारतीय मुद्रा, 95.92 पर हुआ बंदसरकार ने संसद में ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ किया पेश, 10 साल तक जेल और ₹10 करोड़ तक जुर्माने का प्रस्तावCryptocurrency में करते हैं लेन-देन? CBDT ने जारी की नई ट्रांजैक्शन-एक्सचेंज गाइडलाइन, जानें क्या बदलाNPS New Tools: NPS में पैसा लगा रहे हैं? PFRDA का नया टूल बताएगा किस फंड ने दिया सबसे बेहतर रिटर्नQ1 Results: PN गाडगिल ज्वेलर्स का मुनाफा 52% बढ़ा, शेयर में आई 8% की जोरदार तेजीग्रेड-ए मॉल स्पेस की किल्लत, सप्लाई से 4.5 गुना ज्यादा लीजिंग; क्या डेवलपर्स के लिए है मौका?

सोना-चांदी पर बड़ा झटका, आयात शुल्क बढ़ा तो भी कीमतों में उलझा बाजार, ट्रेडर्स परेशान

Advertisement

सरकार द्वारा आयात शुल्क बढ़ाने के बाद भी सोना-चांदी बाजार में छूट और सप्लाई गड़बड़ी के कारण कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है।

Last Updated- May 15, 2026 | 9:18 AM IST
gold ETF
Representative image

सरकार ने मंगलवार रात को सोना और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया। इससे घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की बढ़ी हुई लागत के मद्देनजर कीमतों में इजाफा हुआ मगर बिक्री पर छूट भी बढ़ गई। बुधवार को सोना 200 डॉलर प्रति औंस यानी करीब 6,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की छूट पर कारोबार कर रहा था। गुरुवार को मुंबई बाजार में यह छूट घटकर 145 डॉलर प्रति औंस यानी 4,470 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। इससे शुद्ध सोने की कीमत 1,61,349 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।

चांदी भी बुधवार को 6 डॉलर प्रति औंस की छूट पर कारोबार कर रही थी। घरेलू बाजार में चांदी की कीमत में 4.6 डॉलर प्रति औंस यानी 5,400 रुपये प्रति किलोग्राम की कमी आ गई।  गुरुवार को चांदी लगभग 2,87,350 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। चांदी, प्लैटिनम, पैलेडियम और रोडियम बुलियन पर बुनियादी सीमा शुल्क एवं उपकर सहित शुल्क अब 15 फीसदी हो गया है जो पहले 6 फीसदी था। डॉर यानी अपरिष्कृत सोने पर शुल्क 5.35 फीसदी से बढ़कर 14.35 फीसदी हो गया है। इससे परिष्कृत सोने और डॉर के बीच 0.65 फीसदी के अंतर में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

मेटल फोकस के शोध सलाहकार आदर्श दिवे ने कहा, ‘कुछ बैंकों/आयातकों ने नए शुल्क ढांचे की घोषणा से ठीक पहले 6 फीसदी शुल्क पर आयात किया था। वे अब कम कीमत पर बिक्री कर रहे थे जिससे बाजार में गिरावट आई।’

बैंकों ने अप्रैल के मध्य में नामित बैंक के रूप में अपनी मान्यता का नवीनीकरण कराने के बावजूद सोने का आयात नहीं किया। मेटल फोकस की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में सोने का आयात काफी गिर गया और वह महज 10 से 15 टन रह गया। भारतीय बैंकों ने अप्रैल में सोने का आयात नहीं किया क्योंकि नए लाइसेंस जारी करने में देरी और बैंकों द्वारा सोने के आयात पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगने के बारे में अनिश्चितता थी। साल 2018 में मौजूदा कर व्यवस्था की शुरुआत हुई थी और तभी से बैंकों को जीएसटी से छूट प्राप्त था। मगर इस साल छूट की अवधि समाप्त हो गई है और बैंक उसमें विस्तार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार ने डॉर सोना आयात करने के लाइसेंस का नवीनीकरण भी बंद कर दिया था। इससे आयात में काफी सुस्ती दिख रही है। उद्योग के जानकारों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से बैंकों ने जीएसटी का भुगतान करते हुए सोने का आयात शुरू कर दिया है।
इंडिया बुलियन ऐंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने कहा, ‘फिलहाल सोने की मांग काफी कम हो गई है।’ उन्होंने कहा कि सोने की कीमतों में सुधार होने पर ही चीजें सामान्य हो सकती हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब देश के नागरिकों से एक साल तक सोने की गैर-आवश्यक खरीदारी से बचने का आग्रह किया, तो अगले ही दिन कई जौहरियों ने सोने के आयात बिल में कटौती के लिए कड़े उपायों की आशंका में गहने खरीदने की होड़ देखी। एक दिन बाद शुल्क बढ़ा दिया गया। जिन बैंकों का आयातित सोना अभी रास्ते में है, वे फंस गए हैं, क्योंकि बाजार भाव अब उनकी लागत से काफी अलग है।
तेल की कीमतों में आई हालिया तेजी का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ने से पहले वित्त वर्ष 2026 में भारत का सोना-चांदी आयात बिल बढ़कर 84 अरब डॉलर हो गया था।

Advertisement
First Published - May 15, 2026 | 9:18 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement