Innovision IPO: इंनोविजन लिमिटेड का आईपीओ अप्लाई करने के लिए खुल गया है। इश्यू मंगलवार को खुलने के बाद 12 मार्च (गुरुवार) तक खुला रहेगा। कंपनी ने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 521 से 548 रुपये प्रति शेयर तय किया है। कंपनी ने आईपीओ के जरिये 322.84 करोड़ रुपये जुटाने का टारगेट रखा है। नोविजन आईपीओ का लॉट साइज 27 इक्विटी शेयर है यानी निवेशक 27 इक्विटी शेयरों या इसके मल्टिपल में बोली लगा सकते हैं।
इनोविजन आईपीओ में कंपनी ने पब्लिक इश्यू के शेयरों का बंटवारा अलग-अलग निवेशकों के लिए तय किया है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 1% शेयर, नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) के लिए कम से कम 34% शेयर और रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम 65% शेयर रिजर्व रखे गए हैं।
अनलिस्टेड बाजार पर नजर रखने वाले सूत्रों के अनुसार, इनोविजन लिमिटेड आईपीओ को लेकर बाजार में खासा हलचल नहीं दिख रही है। इननोविजन के अनलिस्टेड शेयर मंगलवार 10 मार्च को 548 रुपये पर सपाट कारोबार कर रहे थे। यह 548 रुपये के अपर प्राइस बंद के बराबर है।
एसबीआई सिक्योरिटीज के अनुसार, 548 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर इश्यू महंगा दिखता है। कंपनी की मौजूदा कमाई के आधार पर इसका वैल्यूएशन काफी ऊंचा है। कंपनी ने पिछले कुछ सालों में तेज बढ़त दिखाई है। वित्त वर्ष 2023 से 2025 के बीच कंपनी की आय, परिचालन लाभ और शुद्ध लाभ में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान आय बढ़कर 893 करोड़ रुपये, ऑपरेशन लाभ 49 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 29 करोड़ रुपये हो गया।
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ब्रोकरेज का कहना है कि दूसरी कंपनियों की तुलना में इस इश्यू का वैल्यूएशन ज्यादा है। साथ ही कंपनी का कारोबार कुछ ही ग्राहकों और सीमित क्षेत्रों पर ज्यादा निर्भर है। इसके अलावा कंपनी को कानूनी और नियामकीय मामलों का भी सामना करना पड़ रहा है और कुछ ग्राहकों ने काम देने से रोकने के नोटिस भी दिए हैं। हालांकि कंपनी की बढ़त तेज है, लेकिन मुनाफे का मार्जिन बहुत कम है और कर्मचारियों के बार-बार नौकरी छोड़ने की समस्या भी ज्यादा है। इसी वजह से एसबीआई सिक्योरिटीज ने निवेशकों को फिलहाल इस इश्यू से दूर रहने और लिस्टिंग के बाद कंपनी के प्रदर्शन पर नजर रखने की सलाह दी है।
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी की पूंजी पर रिटर्न 35.45% है, जो अपने समूह की दूसरी कंपनियों से काफी ज्यादा है। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी पूंजी का इस्तेमाल अच्छी तरह कर रही है, इसलिए कुछ हद तक ऊंचा वैल्यूएशन समझ में आता है। लेकिन कंपनी के कारोबार में मुनाफे का मार्जिन बहुत कम, करीब 5.78% है और इसका कारोबार मुख्य रूप से जनशक्ति और टोल सेवाओं पर आधारित है, जहां प्रतिस्पर्धा ज्यादा होती है। ऐसे में इस मूल्यांकन पर निवेशकों के लिए सुरक्षा का दायरा सीमित दिखता है।
ब्रोकरेज का कहना है कि इस भाव पर लंबे समय में अच्छा लाभ तभी संभव है, जब कंपनी अपने मुनाफे का मार्जिन लगातार बढ़ा सके। इसलिए मौजूदा वैल्यूएशन पर लॉन्ग टर्म के लिए निवेश को लेकर मजबूत भरोसा नहीं दिखता, जब तक आने वाले समय में कंपनी के मुनाफे में साफ बढ़त नजर न आए।
इनोविजन आईपीओ के शेयरों का अलॉटमेंट 13 मार्च (शुक्रवार) को तय किया जाएगा। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उन्हें 16 मार्च (सोमवार) से रिफंड मिलना शुरू होगा। उसी दिन जिन निवेशकों को शेयर मिलेंगे, उनके डीमैट खाते में शेयर ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 17 मार्च (मंगलवार) को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।
प्राइस बैंड के अपर एंड पर कंपनी इस आईपीओ के जरिए करीब 322.84 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसमें 255 करोड़ रुपये का नया इश्यू और 12.38 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री (ऑफर फॉर सेल) शामिल है।
फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से 51 करोड़ रुपये का उपयोग कुछ कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। करीब 119 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल के लिए इस्तेमाल होंगे। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट कामों में लगाई जाएगी। इश्यू के लिए एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज बुक-रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज इस इश्यू का रजिस्ट्रार है।
इनोविजन लिमिटेड भारत भर में मैनपावर सेवाएं, टोल प्लाजा मैनेजमेंट और स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग उपलब्ध कराती है। कंपनी देश में 35 दफ्तरों के जरिए काम करती है, जिनमें रजिस्टर्ड और कॉरपोरेट ऑफिस शामिल हैं। 15 जनवरी 2026 तक कंपनी भारत के 23 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में काम कर रही है। कंपनी के मैनपावर सर्विसेज कारोबार को तीन हिस्सों में बांटा गया है:
प्राइवेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर
इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज
मैनपावर उपलब्ध कराना और पेरोल सर्विसेज
15 जनवरी 2026 तक कंपनी के 180 से ज्यादा ग्राहक हैं और यह 1,000 से अधिक जगहों पर सेवाएं दे चुकी है।