facebookmetapixel
Advertisement
‘आम जनता को न दौड़ाएं टैक्स अधिकारी’, बोलीं सीतारमण: अधिकारियों का सुस्त रवैया चिंताजनकNippon India MF ने रचा इतिहास, 4 करोड़ फोलियो पार करने वाली देश की पहली AMC बनीIndia-US Trade Talks: अमेरिका के अतिरिक्त टैरिफ पर भारत को बड़ी राहत, जेनेरिक दवाओं और स्मार्टफोन को छूटUpcoming IPO This Week: निवेशक पैसा रखें तैयार! अगले हफ्ते खुल रहे हैं तीन मेनबोर्ड वाले IPOStock Market Outlook: इस हफ्ते कैसी रहेगी बाजार की चाल? इन ग्लोबल और घरेलू कारकों पर रहेगी नजरबिकवाली के दबाव में फिसला बाजार: टॉप-10 कंपनियों के डूबे ₹2.74 लाख करोड़, HDFC Bank को सबसे बड़ा झटकाPM मोदी ने ‘मन की बात’ में कारगिल के वीरों को किया नमन, विक्रम-1 रॉकेट, ‘हर घर तिरंगा’ और युवाओं पर भी रखी बातवैश्विक अनिश्चितता के बावजूद रफ्तार पकड़ेगा देश का टू-व्हीलर निर्यात, हीरो-बजाज और TVS ने साफ की स्थितिUpcoming IPO: रेलवे के लिए उपकरण बनाने वाली कंपनी का IPO 30 जुलाई को खुलेगा, जानें डिटेल्सदिल्ली में आज छाए रहेंगे बादल, पर देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; असम में बाढ़ से 66 की मौत

भारत का फोकस अब सिर्फ विकास नहीं, पर्यावरणीय स्थिरता पर भी जोर: रिपोर्ट

Advertisement

स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को लेकर इस बुलेटिन में कहा गया है कि स्वच्छ भारत मिशन से स्वच्छता क्रांति आई है और 2019-20 तक सभी जिले खुले में शौच करने से मुक्त जिले बन चुके हैं।

Last Updated- March 18, 2026 | 9:35 PM IST
सतत विकास लक्ष्यों पर भारत की प्रगति: चुनौतियां और अवसर, Editorial: India's progress on Sustainable Development Goals: Challenges and opportunities

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (मोस्पी) द्वारा सतत विकास लक्ष्यों (SDG) पर जारी 2 बुलेटिनों के अनुसार भारत एक ऐसी विकास रणनीति को आगे बढ़ा रहा है जिसमें आर्थिक बदलाव के साथ-साथ पर्यावरणीय स्थिरता शामिल है।

सतत विकास के 2030 के एजेंडा में शामिल पीपुल, प्लानेट, प्रॉस्परिटी, पीस और पार्टनरशिप नाम के 5 बुनियादी स्तंभों की बड़ी श्रृंखला के तहत ये रिपोर्ट तैयार की गई है। इन सबका तर्क है कि विकास को सामाजिक समानता, संसाधनों के कुशल उपयोग और पारिस्थितिक संरक्षण से जोड़ने में ही दीर्घकालीन बेहतरी है।

स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को लेकर इस बुलेटिन में कहा गया है कि स्वच्छ भारत मिशन से स्वच्छता क्रांति आई है और 2019-20 तक सभी जिले खुले में शौच करने से मुक्त जिले बन चुके हैं।

लैंगिक संवेदनशीलता और स्वच्छता के मसले पर रिपोर्ट में कहा गया है कि चंडीगढ़, गोवा, दिल्ली, दादरा और नागर हवेली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह व लक्षद्वीप सहित 6 क्षेत्र 100 प्रतिशत अनुपालन कर रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘स्कूलों में लैंगिक संवेदनशील स्वच्छता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता एक रणनीतिक प्रयास को दर्शाती है।’ इसके साथ ही कचरे के रिसाइक्लिंग संबंधी बुनियादी ढांचे का निर्माण भी बहुत तेजी से हुआ है। 2019-20 में जहां रिसाइक्लिंग सुविधा 829 थी, 2024-25 में बढ़कर 3,036 हो गई है।

Advertisement
First Published - March 18, 2026 | 9:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement