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India AI Impact Summit 2026: एआई इम्पैक्ट समिट में पेश होंगे स्वदेशी लैंग्वेज मॉडल, ‘सर्वम’ पर नजर

सरकार अब तक भारत में स्वदेशी एलएलएम और एसएलएम बनाने के लिए 12 कंपनियों को मंजूरी दे चुकी है।

Published by
आशीष आर्यन   
शिवानी शिंदे   
Last Updated- February 12, 2026 | 10:09 PM IST

India AI Impact Summit 2026: पांच दिवसीय एआई इम्पैक्ट समिट में एक हफ्ते से भी कम समय रह गया है। इसके मद्देनजर इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय विभिन्न स्टार्टअप, सरकारी संगठनों और एआई का उपयोग करने वाले राज्यों द्वारा निर्मित छोटे और बड़े भाषा मॉडल (एसएलएम और एलएलएम), टूल्स तथा सेवाओं के स्वदेशी विकास के क्षेत्र में नवीनतम विकास को प्रदर्शित करने के लिए कमर कस रहा है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी।

सूत्रों के अनुसार समिट के दौरान सरकार ‘सर्वम’ स्वदेशी रूप से विकसित देश के पहले बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) को औपचारिक रूप से पेश कर सकती है। साथ ही अन्य कंपनियों और स्टार्टअप के दूसरे एलएलएम और एसएलएम भी पेश किए जा सकते हैं। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आईटी मंत्रालय ने भाग लेने वाली सभी कंपनियों को अपने उत्पादों और एआई युक्त सेवाओं का व्यापक पूर्वाभ्यास करने के लिए भी कहा है।

एक अधिकारी ने कहा, ‘एआई डेटा केंद्रों के लिए वित्तीय सहायता या मौजूदा लगभग 40,000 की संख्या से लगभग 2 से 3 गुना अधिक जीपीयू (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) शामिल किए जाने के संबंध में कुछ बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं।’

सरकार अब तक भारत में स्वदेशी एलएलएम और एसएलएम बनाने के लिए 12 कंपनियों को मंजूरी दे चुकी है, जिसमें सर्वम द्वारा विकसित किया जा रहा ओपन-सोर्स 120-बिलियन-पैरामीटर मॉडल भी शामिल है।

मुंबई के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के नेतृत्व में भारतजेन टीम द्वारा विकसित बहुभाषी और बहुप्रारूप वाले मॉडल का दूसरा ओपन-सोर्स सुइट अपने प्रमुख परम2 को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में पेश करेगा, जो कि 17बी-पैरामीटर सॉवरिन बहुभाषी फाउंडेशन मॉडल है।

विशेषज्ञों के संयोजन वाले आर्किटेक्चर का उपयोग करते हुए पूरी तरह से भारत में निर्मित यह मॉडल 22 भारतीय भाषाओं का समर्थन करता है और इसे भारत डेटा सागर के तहत भारत-केंद्रित बड़े डेटासेट पर प्रशिक्षित किया गया है।

सरकार द्वारा समर्थित पहला कार्यक्रम ‘भारतजेन’ 12 भाषाओं में स्पीच और डॉक्यूमेंट विजन मॉडल में सॉवरिन एआई क्षमताओं को भी आगे बढ़ा रहा है। इसमें टेक्स्ट मॉडल्स के साथ-साथ प्रशासन, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, वित्त और सांस्कृतिक संरक्षण के वास्ते इस्तेमाल के लिए तैयार प्लेटफॉर्म हैं।

आईटी बंबई में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर और भारतजेन में प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर गणेश रामकृष्णन ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 वैश्विक स्तर पर भारत की सॉवरिन एआई प्रगति को प्रदर्शित करने के लिए उपलिब्ध है।’

इसके अतिरिक्त भारतजेन मॉडल को पहले से ही कई क्षेत्रों में वास्तविक परिचालनगत उपयोग के मामलों में शामिल किया जा रहा है। इनके अलावा अवतार.एआई एआई अवतार की लाइब्रेरी विकसित कर रहा है, जिसे भारतीय भाषाओं और कृषि (फसल सलाहकार), स्वास्थ्य सेवा (पेशेंट चैटबॉट) और प्रशासन (सार्वजनिक पूछताछ प्रबंधन) जैसे डोमेन के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जाएगा। वहीं, फ्रैक्टल देश का पहला लार्ज रीजनिंग मॉडल बना रहा है, जिसमें 70 अरब तक के पैरामीटर होंगे जो स्टेम डिसिप्लिन और मेडिकल डायग्नोस्टिक के लिए संरचनात्मक रीजनिंग पर जोर देता है।

First Published : February 12, 2026 | 10:06 PM IST