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Budget 2026: आरडीआई फंड में 20,000 करोड़ रुपये का बड़ा इजाफा, रिसर्च और इनोवेशन पर सरकार का जोर

आरडीआई फंड को पिछले साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औपचारिक रूप से शुरू किया था। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय इस फंड का नोडल मंत्रालय है।

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उदिशा श्रीवास्तव   
Last Updated- February 03, 2026 | 9:41 AM IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने लगातार नौवें बजट में रविवार को अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) फंड में 20,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया, जो पिछले साल की राशि के बजटीय आवंटन से दोगुना है। बजट दस्तावेजों से पता चलता है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत सभी केंद्रीय योजनाओं/ परियोजनाओं के लिए निर्धारित 23,125 करोड़ रुपये में से आरडीआई योजना की 20,000 करोड़ रुपये के साथ सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। संशोधित अनुमानों से पता चलता है कि आरडीआई फंड के तहत पिछले साल के आवंटन से अब तक 3,000 करोड़ रुपये चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 26) में इस्तेमाल किए गए हैं।

बजट के बाद संवाददाता सम्मेलन के दौरान विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय करंदीकर ने कहा, ‘वर्तमान में केवल बायोटेक्नॉलजील इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बीआईआरएसी) और टेक्नॉलजी डेवलपमेंट बोर्ड (टीडीबी) को ही दूसरे स्तर वाले फंड प्रबंधक के रूप में नियुक्त किया गया है। यही कारण है कि हम पूरे 20,000 करोड़ रुपये खर्च नहीं कर पाए। कुल फंड का आकार 1 लाख करोड़ रुपये है और मंत्रिमंडल की मंजूरी के अनुसार इस फंड को 7 साल की अवधि में इस्तेमाल किया जाना है।’

करंदीकर ने कहा कि बीआईआरएसी और टीडीबी के अलावा दूसरे स्तर के फंड प्रबंधकों के लिए, जिसमें वैकल्पिक निवेश फंड कंपनियां, विकास वित्त संस्थान और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां शामिल हैं, सरकार को कुल 193 आवेदन मिले हैं। ऐप्लीकेशन के चयन की समयावधि और स्टार्टअप कंपनियों में आगे के निवेश के बारे में पूछे गए बिजनेस स्टैंडर्ड के सवाल के जवाब में करंदीकर ने कहा, ‘अप्रैल-मई तक हम कुछ फंड प्रबंधकों का चयन करेंगे और फिर इन फंड प्रबंधकों को वास्तव में अपने (निवेश) फैसले लेने में 6 से 8 महीने और लग सकते हैं। चूंकि आवेदन की आखिरी तारीख 31 जनवरी थी। इसलिए हमने अभी तक डेटा नहीं देखा है। इसलिए हम इस पर टिप्पणी नहीं कर पाएंगे कि किस तरह के फंड प्रबंधक हैं और कितनों का चयन किया जाएगा। हम विश्लेषण के बाद ही यह बता पाएंगे।’

आरडीआई फंड को पिछले साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औपचारिक रूप से शुरू किया था। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय इस फंड का नोडल मंत्रालय है।

उद्योग के प्रमुखों ने बजट में अनुसंधान और विकास (आरऐंडडी) पर लगातार ध्यान देने का स्वागत किया है। 3वन4 कैपिटल के प्रबंध साझेदार प्रणव पई दूसरे स्तर के फंड प्रबंधों के लिए पहले अनुरोध के लिए आवेदन कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘भारतीय डीप टेक में सक्रिय निवेशकों के तौर पर हमारा मानना है कि यह योजना स्वदेशी आरऐंडडी में निजी क्षेत्र की जोरदार भागीदारी को बढ़ावा देगी और हमारी स्टार्टअप कंपनियों को ऐसी संस्थागत रूपरेखा प्रदान करेगी, जिसकी उन्हें अच्छी फंडिंग वाले, सरकार द्वारा समर्थित वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के साथ मुकाबला करने के लिए लंबे समय से जरूरत थी।’

पई के विचारों से सहमति जताते हुए यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स के संस्थापक और प्रबंध साझेदार अनिल जोशी ने कहा, ‘20,000 करोड़ रुपये का यह आवंटन अनुसंधान और विकास को समर्थन देने और भारत को सच्चा उत्पादक राष्ट्र बनाने की दिशा में सरकार की गंभीरता का स्पष्ट संकेत है।’

First Published : February 3, 2026 | 9:41 AM IST